भारत के लिए रूसी तेल अब महंगा साबित हो रहा है। अक्टूबर 2025 में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात पिछले महीनों की तुलना में घटा है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नई ऊर्जा पाबंदियों का सीधा असर भारत की तेल सप्लाई चेन पर पड़ा है। इससे भारत को वैकल्पिक बाजारों से तेल खरीदना पड़ा है, जिससे लागत बढ़ी है।
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तेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रूस से आने वाला कच्चा तेल अक्टूबर में लगभग 18% कम हुआ है। इसके चलते भारत को सऊदी अरब और इराक से ज्यादा तेल लेना पड़ा। इससे घरेलू रिफाइनरियों पर दबाव बढ़ा और ईंधन की लागत में बढ़ोतरी का खतरा भी मंडरा रहा है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि पेट्रोकेमिकल और निर्यात सेक्टर में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं के साथ दीर्घकालिक अनुबंध कर लेता है, तो आने वाले महीनों में स्थिति फिर से स्थिर हो सकती है।








