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Wednesday, January 28, 2026
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Hanuman Jayanti 2026: कब है हनुमान जयंती, 1 या 2 अप्रैल? इस दिन बजरंगबली का ध्‍यान करने से मिलेगी संकटों से मुक्ति

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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी के भक्त केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में फैले हुए हैं. पुराणों में वर्णित है कि बजरंगबली की कृपा से जीवन की अनेक कठिनाइयों का समाधान संभव होता है. स्वयं श्रीराम के जीवन में भी जब संकट आए, तब हनुमान जी ने अपने पराक्रम और भक्ति से उनका मार्ग प्रशस्त किया. हनुमान जी की उपासना के लिए हनुमान जन्मोत्सव, यानी हनुमान जयंती का दिन विशेष रूप से फलदायी माना गया है.

कब है हनुमान जंयती?

  • नववर्ष 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं. कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण करता है, उसकी पीड़ा स्वयं बजरंगबली हर लेते हैं.
  • पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026 को सुबह 7.06 बजे प्रारंभ होगी और 2 अप्रैल 2026 को सुबह 7.41 बजे समाप्त होगी. इस अवधि में हनुमान जी की पूजा सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक की जा सकती है.

कैसे करें हनुमान जयंती के दिन पूजा?

  • हनुमान जयंती के दिन पूजा की शुरुआत मंदिर में घी का दीपक जलाकर करें.
  • हनुमान जी का गंगाजल से अभिषेक करें और साफ वस्त्र से प्रतिमा को पोंछें. सिंदूर में घी या चमेली का तेल मिलाकर हनुमान जी को चोला अर्पित करें.
  • मान्यता है कि इस दिन सिंदूर का चोला चढ़ाने से पूरे वर्ष चोला चढ़ाने का पुण्य फल प्राप्त होता है. चोला सबसे पहले हनुमान जी के बाएं चरण पर चढ़ाना चाहिए.
  • इसके पश्चात चांदी या सोने का वर्क अर्पित करें, जनेऊ पहनाएं और नए वस्त्र चढ़ाएं. अंत में भोग लगाकर हनुमान जी की आरती करें और कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.

हनुमान जयंती उपाय

  • हनुमान जयंती के अवसर पर एक विशेष उपाय भी बताया गया है. इस दिन हनुमान जी के मंदिर जाकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. इसके बाद उन्हें गुलाब की माला अर्पित करें और चमेली के तेल का दीपक जलाएं, जिसमें दो लौंग अवश्य डालें. मान्यता है कि इस उपाय से घर के अनावश्यक खर्चों में कमी आती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.

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