Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को आम बजट 2026 पेश किया. भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने का ऐलान किया गया. बजट 2026 में 7 हाईस्पीड कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया गया. इस बजट में हर क्षेत्र को कोई ना कोई सौगात मिली है. इस बार विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के बात की गई. इससे कई सामान सस्ते होंगे और आम लोगों को राहत मिलेगी. इसके साथ ही सीमा शुल्क में कई बदलाव किए गए हैं. जानिए आम बजट 2026 में क्या सस्ता और महंगा हुआ.
ये प्रोडक्ट्स हुए सस्ते
दवाएं: कैंसर की 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली 7 दवाइयों से सीमा शुल्क हटा दिया गया है. इसके साथ ही व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयतित मेडिसन पर शुल्क 20 फीसदी से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है. डायबिटीज की दवा सस्ती हो जाएंगी.
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते होंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले पैनल जैसे घटक पर शुल्क घटा दिया है. इसके साथ ही माइक्रोवेव अवन के कुछ पार्ट्स पर छूट दी गई है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल: इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी और लिथियम-आयन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर सीमा शुल्क घटा दिया गया है.
जूते-कपड़े: चमड़े के जूते और कपड़ों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर आयात शुल्क घटा दिया गया. जिससे डोमेस्टिक मार्केट में जूते-कपड़े सस्ते हो जाएंगे.
स्पोर्ट्स प्रोडक्ट्स: ‘खेलो इंडिया’ मिशन के अंतर्गत स्पोर्ट्स प्रोडक्ट को सस्ता किया गया है.
विमान यात्रा: इस बजट में नागरिकों विमानों के पुर्जों और इनके रखरखाव पर सीमा शुल्क कर पर छूट दी गई है. इससे एविएशन सेक्टर लागत कम होगी.
बीड़ी: तेंदुपत्ता से बीड़ी बनाने के लिए कुछ रियायत दी गई है. इससे ये सस्ती होगी.
ये प्रोडक्ट्स हुए महंगे
तंबाकू उत्पाद एवं सिगरेट: बजट 2026 में पान मसाला और सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी के तहत सिन टैक्स लगाया गया है. इससे इन उत्पादों के दाम बढ़ जाएंगे.
विदेशी शराब: विदेश से आयात की जाने वाली शराब पर शुल्क वृद्धि की गई है.
लग्जरी आइटम: विदेश से आयात किए जाने वाले परफ्यूम, जूते, कपड़े और लग्जरी वॉच पर शुल्क बढ़ा दिया गया.
गोल्ड-सिल्वर: सोना-चांदी समेत दूसरे कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बदलाव किया गया है. इस वजह से इनके दाम बढ़ सकते हैं.
शेयर मार्केट में निवेश: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ा दिया गया है. इससे शेयर मार्केट में निवेश करना महंगा हो गया है.








