Budget 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बजट 2026 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है. उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस (Reform Express) पर सवार है. इस बजट की मदद से उसे नई ऊर्जा और नई गति मिलेगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का आधार है. भारत फाटेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी (Fastest Growing Economy) बनकर ही संतुष्ट नहीं है. भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है.
‘टियर-2 और 3 शहरों के विकास पर ध्यान’
सोशल मीडिया साइट एक्स पर पीएम मोदी ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, पूरे देश में जलमार्गों का विस्तार, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर खास ध्यान और शहरों को मजबूत आर्थिक नींव देने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा. ये सभी कदम विकसित भारत की गति को और बढ़ाएंगे.
#WATCH | On #UnionBudget, PM Narendra Modi says, “This Budget further strengthens India’s global role. The 140 crore citizens of India are satisfied with not just being the fastest-growing economy, but we also want to be the third-largest global economy at the earliest. This is… pic.twitter.com/2W3HPFPfJp
— ANI (@ANI) February 1, 2026
बजट 2026 पर पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई रफ्तार के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि नई उभरती इंडस्ट्री यानी सनराइज सेक्टर्स को जिस मजबूती के साथ समर्थन दिया गया है, वह अभूतपूर्व है.
‘भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है’
पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट भारत की ग्लोबल भूमिका को और मजबूत करता है. भारत के 140 करोड़ नागरिक सिर्फ सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बनना चाहते हैं. यह देश के करोड़ों नागरिकों का संकल्प है.
उन्होंने आगे कहा दुनिया के एक भरोसेमंद, लोकतांत्रिक पार्टनर और एक भरोसेमंद क्वालिटी सप्लायर के तौर पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है. भारत द्वारा हाल ही में साइन की गई ट्रेड डील्स, ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का अधिक से अधिक लाभ भारत के युवाओं और भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों को मिलना चाहिए. इस दिशा में बजट में बड़े कदम उठाए गए हैं.








