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Tuesday, January 13, 2026

CG News: सहकारी बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड लोन घोटाला, 150 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी हुई उजागर

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CG News: छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन के नाम पर बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. अब तक की जांच में 150 करोड़ रुपए से अधिक के गबन की पुष्टि हुई है, जबकि यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपए के पार जाने की आशंका जताई जा रही है. समितियों ने किसानों के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कराए और बैंक अफसरों की मिलीभगत से लोन की राशि को बचत खातों में ट्रांसफर किया गया.

इसके बाद राशि को म्यूल खातों में भेज दिया गया और फिर फर्जी बाउचर के जरिए नकद निकाल लिया गया. भिलाई और सारंगढ़ की ब्रांच में ऐसे कई मामले पकड़े जा चुके हैं. वहीं अंबिकापुर शाखा में भी लगभग 50 करोड़ रुपए के घोटाले की शिकायत सामने आई है.

कैसे हुआ घोटाला?

सहकारी बैंकों में केसीसी लोन, किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों जैसे बीज, खाद, सिंचाई, फसल कटाई के बाद के खर्चे, पशुपालन, मछलीपालन और उपकरण खरीद के लिए सस्ती ब्याज दर पर आसानी से और समय पर कर्ज उपलब्ध कराने वाली सरकारी योजना है, जो क्रेडिट कार्ड के रूप में मिलती है, जिससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार पैसे निकाल सकते हैं और समय पर चुकाने पर ब्याज में छूट मिलती है.

जो किसान लोन नहीं लेते थे या अनपढ़ थे, समिति के लोगों ने उन्हें ही निशाना बनाया. ऐसे किसानों की पहचान की गई जिनके मोबाइल नंबर बदल चुके थे ताकि उनसे संपर्क न हो सके. इसके बाद समिति ने किसानों की जानकारी और उनकी ऋण पुस्तिका का उपयोग करते हुए उनके नाम से फर्जी तरीके से लोन का आवेदन खुद ही तैयार कर बैंक में जमा किया. लोन स्वीकृत होने पर उसकी राशि पहले समिति के खाते में आई, फिर उसे औपचारिक रूप से किसान के केसीसी खाते में ट्रांसफर किया गया. इसके बाद बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर राशि केसीसी खाते से किसान के बचत खाते में भेजी गई. पूरे लेन-देन को वैध दिखाने के लिए फर्जी बाउचर तैयार किए गए और अंत में इस राशि को डीसीएमआर खाते में ट्रांसफर कर वहां से नकद निकाल लिया गया.

ऐसे पकड़ में आया मामला

अपेक्स बैंक के हेड ऑफिस को बरमकेला ब्लॉक ब्रांच में गड़बड़ियों की शिकायत मिलने के बाद बड़ा घोटाला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने 1 अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक के रिकॉर्ड की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम ब्रांच भेजी थी, जिन्होंने पहले ही दिन दो संदिग्ध ट्रांजेक्शन पकड़े, जिनमें दो किसानों के खातों से 50-50 हजार रुपये एसबीआई खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में सामने आया कि महज दो दिनों में इसी तरह करीब 56 लाख रुपये निकाले गए और जब किसानों से पूछताछ की गई तो उन्होंने लोन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद बरमकेला ब्रांच से जुड़ी समितियों की जांच में बड़े नवापारा, बरमकेला, बोंदा, दुलोपाली, लंध्रा सहित कुल 17 समितियों में गड़बड़ी पाई गई। मामला और गंभीर तब हो गया जब दिसंबर 2025 में अपेक्स बैंक अध्यक्ष ने खुलासा किया कि विभिन्न ब्रांचों के 887 खातों से करीब 10 करोड़ रुपये अधिकारियों की मिलीभगत से निकाले गए, जिसके बाद बैंक ने पूरे मामले में तीन साल के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.

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