भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर आज बड़ा ऐलान संभव है। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, क्योंकि यह अब तक के सबसे व्यापक और महत्वाकांक्षी व्यापार समझौतों में शामिल माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते से दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई रफ्तार मिल सकती है।
प्रस्तावित FTA के तहत टैरिफ में कटौती, बाजार तक आसान पहुंच, सप्लाई चेन को मजबूत करने और हरित व डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी और स्टार्टअप सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं यूरोपीय कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-EU FTA वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित और विविध बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। अगर आज औपचारिक एलान होता है, तो यह समझौता भारत-यूरोप आर्थिक रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है।








