MP News: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन भोपाल बेंच ने मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत आठ शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है. ट्रिब्यूनल ने इसे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा संकट मानते हुए राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. एनजीटी ने कहा है कि भोपाल में वायु गुणवत्ता तय मानकों से काफी नीचे चली गई है और कई बार AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच चुका है.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन शहरों को किया नाॅन-अटेनमेंट घोषित
यह आदेश आवेदक राशिद नूर खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उनकी ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी ने पक्ष रखा. एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, सागर और सिंगरौली को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया गया है. इन शहरों में पिछले पांच वर्षों से PM₁₀ और PM₂.₅ का स्तर लगातार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों से ऊपर बना हुआ है.








