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जस्टिन ट्रूडो सरकार का भारत पर गंभीर आरोप, कहा- खालिस्तान आंदोलन को कमजोर करने इंडिया फंडिंग के जरिए हमारी संसद में भेज रहा

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जस्टिन ट्रूडो सरकार में भारत-कनाडा संबंध  बहुत हबी खराब और नाजुक दौर से गुजर है। अपने देश में खालिस्तान आंदोलन  को बढ़ावा देने वाला ट्रूडो सरकार बारत पर ही बेबुनियाद आरोप लगाते रहती है। इसी क्रम में जस्टिन ट्रूडो सरकार का भारत सरकार पर एक आर गंभीर आरोप लगाया है। ट्रूडो सरकार ने कनाडा में खालिस्तान आंदोलन को कमजोर करने के लिए कनाडा की संसद में अपने लोगों को भेजने का आरोप लगाया है।

सीएसआईएस की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। सीएसआईएस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत सरकार कनाडा के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने और खालिस्तान आंदोलन के लिए समर्थन को कमजोर करने की कोशिश में बड़ी भूमिका निभा रही है।

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दरअसल, कनाडा सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस  का कहना है कि चीन और भारत अवैध फंडिंग और दुष्प्रचार अभियान चलाकर उनके देश के प्रवासी समुदायों को प्रभावित करते हैं। सीएसआईएस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने कनाडा की अंदरूनी राजनीति में भी हस्तक्षेप किया है। वह फंडिंग और अन्य मदद करके अपनी पसंद के नेताओं को कनाडा की संसद तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि भारत सरकार कनाडा के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने और खालिस्तान आंदोलन के लिए समर्थन को कमजोर करने की कोशिश में बड़ी भूमिका निभा रही है। द ग्लोबल एंड मेल के मुताबिक, भारत पर कई आरोप लगाने वाली इस रिपोर्ट को सीएसआईएस ने ‘कंट्री समरीज’ नाम दिया है।

बता दें कि भारत और कनाडा के रिश्तों में दरार पिछले साल से पड़ने लगी थी। तब 18 सितंबर 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद में कहा था कि खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की खुफिया एजेंसी का हाथ है। उन्होंने कहा था, “कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां ​​भारत सरकार के एजेंटों और कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बीच संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोपों की सक्रियता से जांच कर रही हैं। वहीं, इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने कनाडा के इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

को जस्टिन ट्रूडो सरकार को बड़ा झटका लगा था।  जस्टिन ट्रूडो सरकार   समर्थन दे रही खालिस्तान समर्थक  पार्टी  ने जस्टिन ट्रूडो सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। एनडीपी पार्टी ने एक वीडियो में यह घोषणा की थी। इसमें बताया कि वह प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ किए गए समझौते को समाप्त कर रहे हैं। एनडीपी के इस फैसले से कनाडा से लेकर पंजाब तक बवाल मच गया था।

खालिस्तानी समर्थक एनडीपी नेता जगमीत सिंह ने वीडियो में कहा कि जस्टिन ट्रूडो ने बार-बार साबित कर दिया है कि वह हमेशा कॉर्पोरेट लालच के आगे झुकेंगे। उन्होंने लोगों को निराश किया है। वे कनाडाई लोगों से एक और मौका पाने के लायक नहीं हैं। लिहाजा हम समर्थन वापस लेते हैं।

 

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