भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का एक बार फिर ‘स्वैग’ देखने को मिला है। इस बार अमेरिका की धरती से ही एस जयशंकर ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को नसीहत दे डाली है।भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ वाशिंगटन डीसी में बैठक की। इस दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी चर्चा हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकियों से कहा कि जब भारत अपने आंतरिक मामलों पर उनकी टिप्पणियों प्रतिक्रिया व्यक्त करता है तो उन्हें बुरा नहीं मानना चाहिए। विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका के शीर्ष थिंक टैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर आप दो देशों, दो सरकारों के स्तर पर देखें तो हमें लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि लोकतंत्र का परस्पर सम्मान होना। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं हो सकता कि एक लोकतंत्र को दूसरे पर टिप्पणी करने का अधिकार हो और यह वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र को बढ़ावा देने का हिस्सा है, लेकिन जब दूसरे ऐसा करते हैं तो यह विदेशी हस्तक्षेप बन जाता है।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘विदेशी हस्तक्षेप विदेशी हस्तक्षेप है, चाहे वह कोई भी करे और कहीं भी हो। इसलिए, यह एक कठिन क्षेत्र है और मेरा व्यक्तिगत विचार है, जिसे मैंने कई लोगों के साथ साझा किया है, आपको टिप्पणी करने का पूरा अधिकार है, लेकिन मुझे आपकी टिप्पणी पर टिप्पणी करने का पूरा अधिकार है। इसलिए जब मैं ऐसा करता हूं तो बुरा नहीं मानना चाहिए।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत दुनिया के उन अग्रणी देशों में से हैं, जहां लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है। यहां अमेरिका में हमारे लोकतंत्र में कई मुद्दों पर बहस होती है, लेकिन कई बार अमेरिका के नेता भारत के लोकतंत्र के बारे में टिप्पणी करते हैं।







