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धनतेरस 2025: सोना-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव, निवेशकों और ग्राहकों के लिए सुनहरा मौका

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धनतेरस 2025 के अवसर पर सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के दामों में बदलाव का असर भारतीय बुलियन मार्केट पर भी पड़ रहा है। जहां एक ओर सोने के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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सोने की कीमतों में हल्की गिरावट से ग्राहकों में उत्साह

दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹6,230 प्रति ग्राम के आसपास पहुंच गया है, जबकि पिछले हफ्ते यह ₹6,260 प्रति ग्राम के करीब था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट ग्राहकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका है।

त्योहारी सीजन में लोग आमतौर पर सोने के सिक्के, गहने और निवेश के लिए छोटे बार खरीदना पसंद करते हैं। कई ज्वेलरी ब्रांड्स ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए 0% मेकिंग चार्ज और फेस्टिव डिस्काउंट जैसी स्कीमें भी शुरू की हैं।

चांदी की कीमतों में हल्की तेजी

जहां सोना थोड़ा सस्ता हुआ है, वहीं चांदी की कीमत में मामूली उछाल दर्ज किया गया है। चांदी का भाव ₹77,000 प्रति किलो के करीब पहुंच गया है, जो बीते हफ्ते के मुकाबले लगभग ₹500 ज्यादा है विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक मांग और फेस्टिव सीजन की वजह से चांदी की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर

वित्तीय जानकारों का मानना है कि यह समय दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना-चांदी में निवेश का सही वक्त है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते आने वाले महीनों में सोने की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। इसलिए कई निवेशक गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड और सोवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ महत्व

भारतीय परंपरा में धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसे मां लक्ष्मी की कृपा और घर में समृद्धि का प्रतीक समझा जाता है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहक बड़ी संख्या में बाजारों में पहुंच रहे हैं।

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