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Monday, February 16, 2026
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चंडीगढ़ में दिवाली के दिन पटाखों से 300 से अधिक घायल, अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति

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दिवाली के त्योहार का मतलब खुशियों, रोशनी और मिठाईयों से होता है, लेकिन इस बार चंडीगढ़ में पटाखों के कारण 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। शहर के अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई है और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार का आनंद लेते समय सुरक्षा का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

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घटना का विवरण

चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में पटाखों के तेज विस्फोटों से कई लोग घायल हुए। अधिकतर घायल लोग बच्चे और युवा थे, जो पटाखे फोड़ते समय सुरक्षित दूरी का पालन नहीं कर रहे थे। चोटों की गंभीरता के आधार पर लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ लोगों के हाथ, पैर और चेहरे जल गए हैं, जबकि कुछ में गंभीर झुलसने के निशान हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस घटना का मुख्य कारण अनुचित पटाखा इस्तेमाल और सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। बहुत से लोग घरों के बाहर और संकरी गलियों में पटाखे फोड़ रहे थे, जिससे चोटों की संख्या बढ़ गई।

अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति

घटना के तुरंत बाद शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति लागू कर दी गई। डॉक्टरों और नर्सों की अतिरिक्त टीम तैनात की गई है, और घायलों के लिए सभी जरूरी दवाइयाँ और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। चंडीगढ़ के PGI अस्पताल और सेक्टर 16 अस्पताल में विशेष ट्रॉमा टीम को तैनात किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने यह भी कहा कि घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और कोई भी घायल उचित इलाज से वंचित नहीं रह जाएगा।

सुरक्षा और चेतावनी

इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है:

  • पटाखों का इस्तेमाल करते समय हमेशा सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने और चश्मा पहनें।
  • बच्चों को पटाखों से दूर रखें और उनकी निगरानी करें।
  • केवल सरकारी और अधिकृत दुकानों से ही पटाखे खरीदें।
  • घरों और घर की बालकनी में पटाखे फोड़ते समय सावधानी बरतें।
  • अगर कोई घायल हो जाए, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचें।
  • प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिवाली पर सुरक्षा की अहमियत

दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी जीवन के लिए खतरा बन सकती है। इस वर्ष की चंडीगढ़ की घटना ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि पटाखों का इस्तेमाल करते समय संयम और सावधानी आवश्यक है। सुरक्षा नियमों का पालन कर हम अपने और अपने परिवार के त्योहार को सुरक्षित और खुशहाल बना सकते हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की समय पर कार्रवाई ने बड़ी जनहानि को रोकने में मदद की है।

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