Close Menu
The Janta NewsThe Janta News
  • Home
  • Chhattisgarh
  • Desh – Videsh
  • Business
  • Sports
  • Entertainment
  • Politics

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

गोदाम निर्माण के दौरान हादसा: छत गिरने से अफरा-तफरी, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

June 24, 2026

Maternity Benefit Act: महिला कर्मियों के हक में बिलासपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अस्थायी कर्मचारियों को भी मिलेगा मातृत्व लाभ

June 24, 2026

श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी साय सरकार, इस तारीख तक करें आवेदन

June 24, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
The Janta NewsThe Janta News
Wednesday, June 24
  • Home
  • Chhattisgarh
  • Desh – Videsh
  • Business
  • Sports
  • Entertainment
  • Politics
The Janta NewsThe Janta News
Home » Blog
Blog

“प्रेम वासना नहीं”: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO के दोषी को किया बरी, कहा—न्याय के लिए कानून को झुकना जरूरी

The Janta NewsBy The Janta NewsNovember 1, 2025
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
photo 2024 08 24 16 14 06 2
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि “प्रेम को वासना नहीं समझा जा सकता”, और इसी आधार पर एक युवक को POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया। यह फैसला न सिर्फ कानूनी दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि यह समाज में किशोर प्रेम संबंधों की जटिलता को भी उजागर करता है।

क्या है मामला?

मामला दक्षिण भारत के एक राज्य का है, जहाँ एक युवक पर 16 वर्षीय लड़की के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था।लड़की और युवक एक-दूसरे से प्यार करते थे, और बिना किसी जबरदस्ती के दोनों साथ भाग गए थे। बाद में लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ POCSO कानून के तहत मामला दर्ज कराया, जिसके बाद उसे निचली अदालत ने दोषी ठहराया। लेकिन युवक ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जिसमें कहा गया कि यह सहमति से हुआ संबंध था, और लड़की की उम्र में मामूली अंतर था।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि, “हर किशोर संबंध को अपराध नहीं माना जा सकता। जब दो नाबालिगों के बीच सच्चे प्रेम की स्थिति हो, तो कानून को न्याय के सामने झुकना होगा।” न्यायालय ने यह भी माना कि कानून का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना है, न कि सहमति से बने रिश्तों को अपराध की श्रेणी में लाना। कोर्ट ने युवक को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में न्यायिक विवेक का इस्तेमाल जरूरी है, ताकि किसी की ज़िंदगी गलतफहमी या कठोर कानून की वजह से बर्बाद न हो।

कोर्ट ने कहा — “प्रेम और वासना में फर्क समझना होगा”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एक गहरी बात कही —

“प्रेम और वासना में फर्क होता है। यदि रिश्ता आपसी भावनाओं और सच्चे लगाव पर आधारित हो, तो उसे अपराध नहीं कहा जा सकता।” इस टिप्पणी को देशभर में “मानवता और संवेदनशील न्याय” के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।कई कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों में नई मिसाल (precedent) बनेगा।

POCSO कानून क्या कहता है?

POCSO Act 2012 का उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और हिंसा से बचाना है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना सख्त अपराध माना जाता है, चाहे वह सहमति से क्यों न हुआ हो। हालाँकि, हाल के वर्षों में कई मामलों में यह देखा गया है कि सहमति आधारित प्रेम संबंधों को भी POCSO के अंतर्गत लाया जा रहा है, जिससे युवाओं के जीवन और करियर पर गहरा असर पड़ रहा है।

इससे पहले भी कोर्ट अपनी विशेष शक्तियों का कर चुका है प्रयोग

यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने सहमति से हुए किशोर प्रेम संबंधों को अपराध की श्रेणी में आने से रोका है। इससे पहले मई में भी कोर्ट ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल कर पॉस्को एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी कर दिया था। तब कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई थी कि पश्चिम बंगाल के एक गांव की लड़की ने अकेले ही कानूनी लड़ाई लड़ी, ताकि अपने प्रेमी को जेल से छुड़ा सके। कोर्ट ने कहा कि वह समाज, परिवार और कानूनी व्यवस्था द्वारा पीड़ित को पहले ही झेल चुकी नाइंसाफी में और इजाफा नहीं करना चाहता।

Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
The Janta News
The Janta News

Related Posts

Cough Syrup New Rule: अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नया नियम

June 16, 2026

Electricity Price Hike in CG: बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका… छत्तीसगढ़ में 6.23% बढ़ी बिजली दरें, जेब पर बढ़ेगा बोझ

June 16, 2026

CG Patwari Arrested: ACB का बड़ा एक्शन,15 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार

May 25, 2026

शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत—सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 24,450 के पार

April 21, 2026

‘परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण में देरी क्यों?’ जयराम रमेश ने सोनिया-राहुल के पत्र का किया जिक्र

April 21, 2026

डिजिटल अरेस्ट मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत बोले- शिक्षित लोग भी बन रहे शिकार

April 20, 2026
Editors Picks

गोदाम निर्माण के दौरान हादसा: छत गिरने से अफरा-तफरी, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

June 24, 2026

Maternity Benefit Act: महिला कर्मियों के हक में बिलासपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अस्थायी कर्मचारियों को भी मिलेगा मातृत्व लाभ

June 24, 2026

श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी साय सरकार, इस तारीख तक करें आवेदन

June 24, 2026

डिटर्जेंट पाउडर की आड़ में गुटखा फैक्ट्री! गोदाम किराए पर लेकर चला रहा था अवैध कारोबार; किराएदार की तलाश में पुलिस जुटी

June 24, 2026
Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
About Us
About Us

📧 Email: thejantanews.com@gmail.com
📍 Location: Mowa, Raipur, Chhattisgarh, India

Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
Our Picks

गोदाम निर्माण के दौरान हादसा: छत गिरने से अफरा-तफरी, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

June 24, 2026

Maternity Benefit Act: महिला कर्मियों के हक में बिलासपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अस्थायी कर्मचारियों को भी मिलेगा मातृत्व लाभ

June 24, 2026

श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी साय सरकार, इस तारीख तक करें आवेदन

June 24, 2026
© 2026 The Janta News.
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.