इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Gideon Sa’ar) ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि “India is the Future” — भारत आज न केवल एशिया बल्कि पूरे विश्व की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। गिदोन सार ने यह बयान यरुशलम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नीति सम्मेलन में दिया, जहां उन्होंने भारत और इज़राइल के बीच सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, और रक्षा सहयोग को और गहराने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत के वैश्विक प्रभाव की सराहना
गिदोन सार ने कहा कि भारत ने बीते एक दशक में दुनिया को यह दिखाया है कि लोकतंत्र, नवाचार और आर्थिक प्रगति कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा —
“भारत आज ऊर्जा, तकनीक और रक्षा क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दे रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत अंतरराष्ट्रीय नीति निर्धारण में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।
भारत–इज़राइल रणनीतिक साझेदारी
गिदोन सार ने कहा कि भारत और इज़राइल के बीच साझेदारी सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और भावनात्मक भी है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि और जल संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत को इज़राइल का विश्वसनीय मित्र और प्रमुख साझेदार बताया।
रक्षा और तकनीकी सहयोग पर ज़ोर
गिदोन सार ने कहा कि भारत और इज़राइल दोनों देश रक्षा नवाचार, ड्रोन तकनीक और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइल भारत के “Make in India – Defence Initiative” का समर्थन करता है और आने वाले समय में संयुक्त रक्षा उत्पादन परियोजनाओं पर भी सहयोग बढ़ेगा।
आर्थिक साझेदारी की नई दिशा
गिदोन सार ने बताया कि भारत और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार 12 अरब डॉलर के पार चला गया था, और अब लक्ष्य 2026 तक इसे 20 अरब डॉलर तक ले जाने का है। उन्होंने कहा कि कृषि, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, जल प्रबंधन और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।








