भारत के लिए गर्व का क्षण आया है जब Financial Action Task Force (FATF) ने भारत की परिसंपत्ति वसूली और जब्ती प्रणाली (Asset Recovery System) को एक “मॉडल एजेंसी” के रूप में सराहा है। FATF ने भारत की Enforcement Directorate (ED) की कार्यशैली, पारदर्शिता और तेज़ कार्रवाई की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “उदाहरण योग्य” बताया है। यह उपलब्धि भारत के आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चल रही सख्त नीति का प्रमाण है।
FATF की रिपोर्ट में भारत की तारीफ
FATF की हालिया मूल्यांकन रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ग़ैरकानूनी धन, आतंक वित्तपोषण और भ्रष्टाचार से जुड़ी संपत्तियों की जब्ती में उल्लेखनीय सुधार किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की एजेंसियों ने कानूनी ढाँचे, तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए एक मजबूत और पारदर्शी प्रणाली तैयार की है।
ED को बताया गया “मॉडल एजेंसी”
FATF ने विशेष रूप से Enforcement Directorate (ED) की सराहना की, जिसने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी संपत्तियों की जब्ती में वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि भारत की एजेंसियाँ न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग कर रही हैं, जिससे कई देशों को भारत के मॉडल को अपनाने की प्रेरणा मिली है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा —
“यह भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत बनाता है। FATF की सराहना दिखाती है कि हमारी नीतियाँ सही दिशा में हैं।”
आर्थिक अपराधों पर सख्ती का असर
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाईयाँ की हैं। हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियाँ जब्त की गईं और कई मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। सरकार का लक्ष्य है कि भारत को एक ऐसा देश बनाया जाए जहाँ आर्थिक अपराधों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख बढ़ी
FATF जैसी संस्था की सराहना से भारत की वैश्विक वित्तीय साख और विश्वसनीयता में जबरदस्त इज़ाफा हुआ है। यह कदम भारत को उन देशों की सूची में शामिल करता है जो पारदर्शी वित्तीय प्रणाली और कानूनी सुदृढ़ता के प्रतीक हैं।








