भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा इंजन माने जाने वाला सेवा क्षेत्र (Services Sector) अक्टूबर 2025 में धीमी गति से आगे बढ़ा है। S&P Global India Services PMI के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, यह सूचकांक पिछले पाँच महीनों में सबसे निचले स्तर पर आ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से भारी बारिश, प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी और वैश्विक मांग में कमी के कारण आई है।
PMI सूचकांक में आई गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में India Services PMI गिरकर 54.6 पर आ गया, जो सितंबर में 57.9 था।हालांकि 50 से ऊपर का PMI संकेत देता है कि सेक्टर में अभी भी वृद्धि जारी है, लेकिन इसकी गति में साफ सुस्ती देखी गई है। सेवा क्षेत्र में यह गिरावट संकेत देती है कि त्योहारी सीजन के बावजूद डोमेस्टिक डिमांड और एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
भारी बारिश और प्रतिस्पर्धा ने बढ़ाई मुश्किलें
अक्टूबर महीने में देश के कई हिस्सों में हुई असामान्य बारिश के कारण लॉजिस्टिक्स, ट्रैवल और रिटेल सेवाओं पर असर पड़ा। वहीं, मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा (Competition) के कारण कई कंपनियों ने अपनी कीमतें स्थिर रखीं, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया।
वैश्विक मांग में कमी का सीधा प्रभाव
रिपोर्ट में बताया गया कि विदेशी क्लाइंट्स से आने वाले ऑर्डर्स में गिरावट आई है, जिससे IT, वित्तीय सेवाओं और परामर्श कंपनियों को नुकसान हुआ। दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंका और यूरोपीय बाजारों में धीमी रिकवरी ने भारत के सर्विस सेक्टर पर नकारात्मक असर डाला है।
आने वाले महीनों की उम्मीद
नवंबर और दिसंबर में छुट्टियों का सीजन आने से ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और ई-कॉमर्स सेक्टर में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। सरकार की तरफ से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बढ़े हुए खर्च और नए रोजगार अवसरों से सेवा क्षेत्र में दोबारा रफ्तार लौटने की संभावना है।







