देश की जानी-मानी आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) का शेयर मार्केट डेब्यू निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। लंबे समय से चर्चा में रही इस कंपनी की लिस्टिंग पहले ही दिन गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों को झटका लगा। कई लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि इतने मजबूत ब्रांड और शानदार मैनेजमेंट वाली कंपनी के शेयर आखिर लुढ़क क्यों गए? आइए समझते हैं इसके पीछे की वजहें।
मजबूत ब्रांड लेकिन वैल्यूएशन पर उठे सवाल
Lenskart की ब्रांड वैल्यू भारतीय रिटेल मार्केट में काफी मजबूत है। कंपनी के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों में अच्छा कस्टमर बेस है। बावजूद इसके, एक्सपर्ट्स का कहना है कि IPO के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा रखा गया, जिसकी वजह से लिस्टिंग प्राइस पर निवेशकों की दिलचस्पी कम रही। ओवरवैल्यूएशन की यह चिंता लिस्टिंग के पहले दिन ही साफ नजर आई।
प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंता
हालांकि Lenskart का बिजनेस मॉडल मजबूत है, लेकिन अभी कंपनी बड़े स्तर पर लाभदायक (Profitable) नहीं हो पाई है। लगातार एक्सपेंशन और मार्केटिंग पर बढ़ता खर्च निवेशकों को डरा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक कंपनी अपने मुनाफे के आंकड़े स्थिर नहीं करती, तब तक इसके शेयर में अस्थिरता बनी रह सकती है।
मार्केट सेंटीमेंट ने भी दिखाई कमजोरी
मार्केट में इस समय टेक और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में गिरावट और निवेशकों के सतर्क रुख के चलते लेंसकार्ट के शेयर को भी नुकसान झेलना पड़ा। एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर मार्केट सेंटीमेंट सुधरता है, तो शेयर फिर से रिकवरी दिखा सकता है। आगे की राह फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेंसकार्ट का बिजनेस मॉडल लॉन्ग टर्म में मजबूत है, लेकिन शॉर्ट टर्म में निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार आने के बाद ही इसके शेयर में स्थिरता देखी जा सकेगी।

