तेलंगाना पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें खूंखार कमांडर हिड़मा का एक करीबी सहयोगी भी शामिल है। surrender करने वाले सभी नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये सभी नक्सली लंबे समय से विभिन्न जिलों में सक्रिय थे और कई बड़ी हिंसात्मक घटनाओं में शामिल रहे। लगातार दबाव, अभियानों और सरकारी पुनर्वास योजनाओं के कारण उन्होंने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संगठन से अलग होकर सामान्य जीवन शुरू करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है और इससे जंगल क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, पुलिस ने उम्मीद जताई है कि अन्य नक्सली भी हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण की राह चुनेंगे।








