Ethiopia Volcano: इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित Hayli Gubbi शील्ड ज्वालामुखी 23 नवंबर 2025 को फट गया. इस ज्वालामुखी विस्फोट से करीब 14 किलोमीटर (45,000 फीट) ऊंचाई तक राख का विशाल गुबार उठा, जो पूर्व की ओर फैलते हुए लाल सागर, अरब प्रायद्वीप और भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुंच गया. Toulouse Volcanic Ash Advisory Centre (VAAC) राख के गुबार की दिशा और प्रभावित उड़ान के लिए लगातार अपडेट दे रही है.
कोच्चि हवाई अड्डे से 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
कोच्चि हवाई अड्डे से सोमवार को रवाना होने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण रद्द कर दी गईं. ‘कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड’ के अनुसार, ज्वालामुखी विस्फोट के बाद एहतियातन जेद्दा और दुबई जाने वाली उड़ानें रद्द की गईं. रद्द उड़ानों में ‘इंडिगो’ की 6ई1475 (कोच्चि–दुबई) और ‘अकासा एयर’ की क्यूपी550 (कोच्चि–जेद्दा) शामिल हैं. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति में सुधार होने पर उड़ान सेवाएं पुनः शुरू कर दी जाएंगी.
कैसे भारत तक पहुंचीं राख
उच्च स्तरीय हवाओं के कारण राख का गुबार इथियोपिया से होते हुए यमन, ओमान, अरब सागर और फिर पश्चिमी व उत्तरी भारत तक पहुंचा. पूर्वानुमान मॉडल्स के अनुसार इसका असर गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा तक हो सकता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सैटेलाइट इमेजरी, VAAC एडवाइजरी और डिस्पर्शन मॉडल्स पर करीबी नजर रखी.
दिए गए ये निर्देश
IMD के बाद मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता स्थित Met Watch Offices (MWOs) ने ICAO मानक के तहत SIGMET चेतावनी जारी की है. इन एडवाइजरी में प्रभावित एयरस्पेस और उड़ान स्तरों से बचने की सलाह दी गई है. एयरलाइंस को उड़ान मार्ग बदलने, अतिरिक्त ईंधन की गणना और वैकल्पिक रूट प्लानिंग के निर्देश दिए गए हैं. इस स्थिति के कारण उड़ानों में रूट परिवर्तन, समय में देरी या होल्डिंग पैटर्न देखने को मिल सकता है.








