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Wednesday, January 14, 2026

ISRO Chief का संदेश: सिर्फ ‘किताबी कीड़ा’ नहीं, छात्रों को समग्र व्यक्तित्व विकास पर देना होगा जोर

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल किताबों तक सीमित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। छात्रों को समग्र व्यक्तित्व विकास पर काम करना चाहिए, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें। एक शैक्षणिक कार्यक्रम में बोलते हुए इसरो प्रमुख ने कहा कि विज्ञान, तकनीक और शोध में बेहतर प्रदर्शन के लिए जिज्ञासा, रचनात्मक सोच, टीमवर्क और आत्मविश्वास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, नेतृत्व कौशल और व्यवहारिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल करना ही सफलता की गारंटी नहीं है। वास्तविक जीवन में समस्या समाधान क्षमता, संचार कौशल और नवाचार की सोच ही व्यक्ति को आगे बढ़ाती है। इसरो प्रमुख ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानें, उन्हें निखारें और नई चीजें सीखने का प्रयास करते रहें। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और छात्रों ने उनके विचारों को प्रेरणादायक बताया। इसरो प्रमुख ने अंत में कहा कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है कि छात्र हमेशा सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें और अपने व्यक्तित्व का हर पहलू विकसित करें।

यह संदेश न केवल छात्रों बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो आने वाली पीढ़ी को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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