भारत ने विमानन क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए दुनिया की सबसे बड़ी विमान इंजन मैंटीनेंस कंपनी Safran की अत्याधुनिक MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) यूनिट का उद्घाटन कर दिया है। यह यूनिट हैदराबाद में स्थापित की गई है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस उद्घाटन के साथ भारत वैश्विक विमानन मैंटीनेंस क्षेत्र में नया शक्तिशाली खिलाड़ी बनकर उभरने की दिशा में आगे बढ़ा है।
Safran की यह अत्याधुनिक सुविधा एशिया की सबसे उन्नत MRO यूनिट में से एक मानी जा रही है। यहां हर साल सैकड़ों विमान इंजनों की सर्विसिंग, मरम्मत और ओवरहॉलिंग की जाएगी। इससे विमान कंपनियों को बाहर देशों पर निर्भरता कम होगी और भारत का विदेशी मुद्रा खर्च भी घटेगा।
उद्घाटन के दौरान PM मोदी ने कहा,
“भारत आज सिर्फ विमान बनाता ही नहीं, बल्कि दुनिया के विमान इंजनों की मरम्मत का भी केंद्र बनने की क्षमता रखता है। Safran की यह MRO यूनिट ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में बड़ा कदम है।”
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत को एशिया का सबसे बड़ा एविएशन MRO हब बनाने का है। Safran की यूनिट से देश में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, साथ ही विमानन उद्योग के लिए जरूरी टेक्निकल स्किल और ट्रेनिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह यूनिट भारतीय एयरलाइनों के लिए गेम चेंजर साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें इंजन मैंटीनेंस के लिए यूरोप या अन्य देशों में भारी खर्च कर भेजने की जरूरत नहीं होगी। इससे विमानन सेक्टर की लागत कम होगी और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी। भारत में Safran की नई MRO सुविधा न सिर्फ देश की विमानन क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि इसे वैश्विक एविएशन मैप पर एक प्रमुख सेवा केंद्र के रूप में स्थापित कर देगी।








