राजनांदगांव।
महर्षि वाग्भट्ट गौ संवर्धन एवं अनुसंधान संस्थान, जिला राजनांदगांव द्वारा 31 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक महामाया चौक, बसंतपुर स्थित पंचगव्य विद्यापीठम् विस्तार केंद्र में गौ आधारित प्राकृतिक कृषि विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों और प्रशिक्षणार्थियों को गौ आधारित प्राकृतिक कृषि के लाभों से अवगत कराया गया। साथ ही रासायनिक खेती से मृदा, जल, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक तनिष साहू ने गौ आधारित प्राकृतिक कृषि की मूल अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए गाय से प्राप्त पंचगव्य, स्थानीय वनस्पतियों एवं उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से कम लागत में लाभकारी खेती करने के तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी अर्क सहित पंचगव्य आधारित जैव-उपचारों के निर्माण की विधियों की व्यावहारिक जानकारी दी।
प्रशिक्षण में फसल पोषण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य सुधार के प्रभावी उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान कर उनकी जिज्ञासाओं का संतोषजनक उत्तर दिया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से किसानों में गौ आधारित प्राकृतिक कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ी और पर्यावरण-अनुकूल खेती को अपनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।







