पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संभावित तेल संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कच्चे तेल के आयात की रणनीति में बदलाव किया है। सरकार ने मध्य पूर्व पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाने का फैसला किया है। इससे वैश्विक आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर कम पड़ सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, भारत अब अफ्रीकी देशों जैसे Nigeria और Angola के साथ-साथ लैटिन अमेरिकी देश Brazil और Guyana से भी अधिक मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। इस रणनीति का उद्देश्य आयात के स्रोतों को विविध बनाना है, ताकि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह के संघर्ष या आपूर्ति बाधा का असर कम किया जा सके।
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार और तेल कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात के स्रोतों में विविधता लाने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और वैश्विक बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी सीमित रहेगा।







