देश की सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर सरकार ने कहा है कि National Defence Academy (NDA) में महिलाओं के प्रवेश के बाद स्थिति तेजी से बदल रही है। सरकार के अनुसार, इस फैसले ने सेना में लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया है और बड़ी संख्या में युवतियां अब सैन्य सेवा में करियर बनाने के लिए आगे आ रही हैं। NDA में महिला कैडेट्स की मौजूदगी से प्रशिक्षण व्यवस्था और सैन्य माहौल में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि महिलाओं को सेना में अधिक अवसर देने के लिए कई नीतिगत फैसले किए गए हैं। अब महिलाओं को स्थायी कमीशन, विभिन्न शाखाओं में नियुक्ति और नेतृत्व भूमिकाओं में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। इससे न सिर्फ सेना में विविधता बढ़ रही है, बल्कि महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व कौशल का भी बेहतर उपयोग हो रहा है।
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सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या और भूमिका दोनों बढ़ने की उम्मीद है। NDA में महिलाओं की एंट्री को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिसने देश की बेटियों के लिए सेना के दरवाजे और ज्यादा खोल दिए हैं और ‘नारी शक्ति’ को नई पहचान दी है।







