US Iran Talks: पाकिस्तान में आज ईरान-अमेरिका सीजफायर को लेकर एक बड़ी बैठक होने जा रही है. इस बैठक को अमेरिका के विदेश मंत्री जेडी वेंस लीड करने वाले हैं, जिसमें इजरायल और ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होने वाला है. हालांकि इस बैठक से पहले व्हाइट हाउस के पूर्व अधिकारी सचिव एरी फ्लेशर ने सार्वजनिक तौर पर चेतावनी दी है. उसने लोगों से यह भी कहा है कि बातचीत में शामिल होने वाले नेताओं की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करनी चाहिए. इस बयान के बाद पाकिस्तान में होने वाली इस बैठक को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं.
दरअसल पाकिस्तान में नेताओं की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं. उन्होंने कुछ पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया है. इसके साथ यह भी कहा कि पाकिस्तान में सरकार का पूरी तरह से नियंत्रण नहीं है.
पाकिस्तान की खुल गई पोल?
व्हाइट हाउस के पूर्व अधिकारी के इस तरह के बयान ने हर किसी के माथे पर चिंता की लकीरे खींच दी हैं. तो वहीं पाकिस्तान की मौजूदा हकीकत की पोल दुनिया के सामने खोल दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान हमेशा से ही खुद को मजबूत दिखाने और अमेरिका का दोस्त बताता रहा है ऐसे में अमेरिका के इस बयान ने उसकी खिल्ली उड़ा दी है. पाकिस्तान दुनियाभर में आतंकियों को पनाह देने के तौर पर भी जाना जाता है. ऐसे में इस तरह की चेतावनी दावों को और मजबूत करती है.
सुरक्षा का अलर्ट या फिर कुछ और?
पूर्व अधिकारी के बयान को सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है. उनका इशारा इस बात की ओर है कि इस तरह की यात्राओं में जोखिम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और हर स्तर पर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होने चाहिए. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पाकिस्तान में क्या है तैयारियां?
पाकिस्तान में बातचीत को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं. राजधानी को छावनी में बदल दिया गया है.इसके साथ ही स्कूलों की 2 दिनों की छुट्टियों का ऐलान किया गया है. जानकारों की मानें तो पाकिस्तान में होने वाली यह बातचीत सफल होती है. तो मिडिल ईस्ट में शांति आ सकती है.







