आज के डिजिटल दौर में लोग बीमारी, लक्षण और दवाओं की जानकारी के लिए तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेने लगे हैं। कई हेल्थ ऐप्स और चैटबॉट्स शुरुआती जानकारी देने में मदद कर रहे हैं, जिससे लोगों को तुरंत जवाब मिल जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि AI उपयोगी जरूर है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जा सकता।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और World Health Organization जैसी संस्थाओं का मानना है कि AI बड़ी मात्रा में मेडिकल डेटा का विश्लेषण कर सटीक जानकारी देने में मदद कर सकता है, लेकिन इसमें गलत या अधूरी जानकारी का जोखिम भी रहता है। खासकर गंभीर बीमारियों या दवाओं से जुड़े मामलों में बिना विशेषज्ञ की सलाह के निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है।
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विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि AI को प्राथमिक जानकारी और जागरूकता के साधन के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है। किसी भी इलाज, दवा या जांच से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि गलत जानकारी के कारण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर न पड़े।






