PM Awas 2.0: जांजगीर-चांपा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के नए हितग्राही इन दिनों एक अजीबोगरीब स्थिति से परेशान हैं। जिले में दर्जनभर से अधिक हितग्राहियों के मोबाइल पर योजना के तहत 1 लाख रुपए जमा होने का मैसेज आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मैसेज में हितग्राही का नाम, सही बैंक खाता संख्या और आधार लिंक होने जैसी सटीक जानकारियां दर्ज हैं। हालांकि, जब हितग्राही खुश होकर बैंक बैलेंस चेक कराने पहुंच रहे हैं, तो उनके खाते में राशि शून्य मिल रही है। इस विसंगति के कारण हितग्राहियों में फर्जीवाड़े और साइबर ठगी की आशंका को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
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यह मामला इसलिए भी संदिग्ध लग रहा है क्योंकि निकाय क्षेत्रों में पीएम आवास 2.0 के नियमों के मुताबिक पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने का कोई प्रावधान नहीं है। योजना के तहत कुल राशि पांच किस्तों में जारी की जाती है। इसमें पहली किस्त में 63 हजार, दूसरी में 87 हजार, तीसरी में 65 हजार, चौथी में 35 हजार और पांचवीं में 32 हजार पांच सौ रुपए आते हैं। चूंकि मैसेज में सीधे 1 लाख रुपए जमा होने और तुरंत निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही गई है, इसलिए तकनीकी गड़बड़ी या किसी सुनियोजित वित्तीय धोखाधड़ी का अंदेशा और गहरा गया है।
हितग्राहियों को मिले संदेश में लिखा है कि आपके खाते में पीएमएवाई यू 2.0 के अंतर्गत मकान निर्माण के लिए एक लाख रुपए की राशि जमा की गई है। राशि का उपयोग केवल मकान निर्माण के लिए करें। यदि राशि जमा नहीं हुई है तो संबंधित विभाग से संपर्क करें। इस मैसेज को सच मानकर लोग नगर पालिका और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारी भी फिलहाल इस पर कुछ स्पष्ट कहने की स्थिति में नहीं हैं। यह समस्या केवल जांजगीर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिलों में भी सामने आई है।




