स्कैंडिनेवियाई एयरलाइंस (SAS) ने 17 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत के लिए अपनी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू कीं, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। मंगलवार (2 जून) को कोपेनहेगन से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली एयरलाइंस की पहली फ्लाइट को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। फ्लाइट करीब चार घंटे का सफर तय कर चुकी थी, तभी क्रू मेंबर को एक ऐसा मैसेज मिला जिसके बाद उन्हें विमान वापस कोपेनहेगन की तरफ मोड़ना पड़ा।
आखिर क्यों लौटना पड़ा वापस?
यूरोपीय देशों की स्कैंडिनेवियाई एयरलाइंस की फ्लाइट SK969 (एयरबस A330) कोपेनहेगन से मुंबई के लिए उड़ान भर चुकी थी। जब यह विमान अजरबैजान के ऊपर से गुजर रहा था, तभी कोपेनहेगन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) यूनिट ने कॉकपिट क्रू को विमान वापस मोड़ने का निर्देश दिया। विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस घटना की पुष्टि की है।
दरअसल, उड़ान के बीच में क्रू को यह जानकारी दी गई कि भारत के विमानन नियामक यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस उड़ान के संचालन के लिए अभी तक अपनी मंजूरी नहीं दी है। नियमों के मुताबिक, डीजीसीए से किसी भी उड़ान संचालन के लिए लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार, यह मंजूरी नहीं दी गई थी। इस मामले में डीजीसीए और विमानन मंत्रालय की तरफ से कोई जवाब या टिप्पणी नहीं आई है।
मुंबई एयरपोर्ट पर हो रही थी ‘वॉटर कैनन सैल्यूट’ की तैयारी
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस पहली फ्लाइट के भव्य स्वागत के लिए जोरों से तैयारियां चल रही थीं। विमान को ‘वॉटर कैनन सैल्यूट’ (पानी की बौछार से सलामी) देने के लिए एयरपोर्ट की एक टीम पूरी तरह से स्टैंडबाय पर थी। हवाई अड्डा अधिकारियों को काफी देर बाद इस बात की सूचना दी गई कि यह फ्लाइट अब मुंबई में लैंड नहीं करेगी।
8 घंटे हवा में रहा विमान
मुंबई की ओर चार घंटे उड़ान भरने के बाद विमान बीच रास्ते से मुड़ा। इसके बाद विमान ने चार घंटे की वापसी की उड़ान भरी और सुरक्षित रूप से कोपेनहेगन में लैंड कर गया।
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घटना पर एयरलाइंस ने अपने बयान में क्या कहा?
इस पूरे घटनाक्रम पर स्कैंडिनेवियाई एयरलाइंस (SAS) ने बयान जारी कर सफाई दी है। एयरलाइंस ने कहा कि अधिकारियों से जिस अंतिम मंजूरी की उम्मीद थी, वह नहीं मिल पाई, जिसके कारण फ्लाइट को वापस कोपेनहेगन लौटना पड़ा। उड़ान शुरू करने से पहले महीनों की प्लानिंग की गई थी और सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। संबंधित अधिकारियों के साथ चल रही बातचीत के आधार पर, एयरलाइंस को पूरी उम्मीद थी कि जब तक विमान हवा में होगा, तब तक औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी। जब तय समय पर मंजूरी नहीं मिली, तो फ्लाइट अपनी योजना के अनुसार आगे नहीं बढ़ सकी।
अगले कुछ दिनों में फिर से सेवा शुरू होने की उम्मीद
SAS एयरलाइंस ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान प्रभावित यात्रियों की मदद करने और जल्द से जल्द सेवा शुरू करने के लिए बची हुई मंजूरी हासिल करने पर है। एयरलाइंस को उम्मीद है कि औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद अगले एक-दो दिनों में यह सर्विस शुरू हो जाएगी। बता दें कि कोपेनहेगन-मुंबई रूट भारत में 17 साल बाद SAS की वापसी का प्रतीक है। यह एयरलाइंस के नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक भारत और स्कैंडिनेविया के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।




