Ration Card E KYC Update: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में ई-केवायसी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसकी धीमी रफ्तार के कारण अब भी बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी चावल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवार हैं, जिनमें करीब 7 लाख अंत्योदय अन्न योजना तथा 46 लाख से अधिक प्राथमिकता राशन कार्ड शामिल हैं। इसके बावजूद करीब 8 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिससे उन्हें नियमित रूप से राशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक राज्य में अधिकांश हितग्राहियों की ई-केवायसी पूरी हो चुकी है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों, बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग के लोगों में अब भी हजारों मामले लंबित हैं। कई हितग्राहियों के फिंगर प्रिंट मशीन में मैच नहीं होने के कारण प्रक्रिया अटक रही है। खासकर वृद्धजनों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं होने से सत्यापन में दिक्कत आ रही है। खाद्य विभाग ने ऐसे मामलों के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी लागू की है। यदि किसी हितग्राही का फिंगर प्रिंट सत्यापित नहीं हो रहा है तो राशन दुकान या संबंधित केंद्र पर मोबाइल एप के माध्यम से फोटो लेकर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी ई-केवायसी की जा सकती है।
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सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने पीडीएस में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लोगों के नाम हटाने के उद्देश्य से ई-केवायसी को अनिवार्य किया है। इसी वजह से राज्य सरकार भी अभियान चलाकर शत-प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य पूरा करने में जुटी हुई है। जिला स्तर पर अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग का मानना है कि ई-केवायसी पूरी होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी होगी तथा वास्तविक जरूरतमंदों तक ही योजना का लाभ पहुंचेगा। वहीं जिन हितग्राहियों की प्रक्रिया अभी बाकी है उन्हें जल्द से जल्द उचित मूल्य दुकान या नजदीकी केंद्र में पहुंचकर ई-केवायसी कराने की सलाह दी गई है, ताकि राशन वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।




