अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच इराक के एक इस्लामी रजिस्टेंट संगठन ने ट्रंप को मारने के लिए इनाम की घोषणा की है। इराकी इस्लामी संगठन ने ट्रंप को अहंकारी और आक्रामक बताया। इराकी संगठन ने ट्रंप को मारने के लिए 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित करते हुए कहा कि जिसने भी इराकियों का खून बहाया और उन्हें बेघर किया, या हमारे नेताओं को निशाना बनाया, या हमारे बच्चों को मारा, या हमारे विद्वानों को, दुनिया के आजाद लोग उसे सुकून से जीने नहीं देंगे।
10 मिलियन डॉलर का इनाम
दरअसल, इराक में इस्लामी प्रतिरोध संगठन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने के लिए 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। इराकी मिलिटेंट संगठन ने बयान में कहा, “अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है”। आगे बयान में लिखा, “अमेरिकी प्रशासन की नैतिक गिरावट का सबसे बड़ा सबूत ये है कि अपराधी ट्रंप अपने अहंकार और आक्रामकता में शहीद कमांडरों हाजी कासिम सुलेमानी और हाजी अबू महदी अल-मुहंदिस को निशाना बना रहा है। अल्लाह उन दोनों से राजी हो। इस नापाक कदम का जवाब प्रतिरोध ने सम्मान और गर्व के साथ दिया है और जीवन भर देता रहेगा।”
‘सुकून से जीने नहीं देंगे’
इराकी संगठन ने कहा, “इराक में इस्लामी प्रतिरोध घोषणा करता है कि उसने अपराधी ट्रंप के सिर के लिए 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। जिसने भी इराकियों का खून बहाया और उन्हें बेघर किया, या हमारे नेताओं को निशाना बनाया, या हमारे बच्चों को मारा, या हमारे विद्वानों को – दुनिया के आजाद लोग उसे सुकून से जीने नहीं देंगे। अपराधी ट्रंप को हमसे शर्मिंदगी के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। कसम है शहीदों की और मुजाहिदीन की कि हमलावरों के सिंहासनों को हिलाकर रख देंगे, जब तक कि अत्याचारी के किले ढह नहीं जाते।”
अमेरिकी हमलों में 35 से ज्यादा की मौत
दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से जारी जवाबी हमलों और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर बढ़ते तनाव ने युद्ध रोकने के लिए हुए अंतरिम समझौते को लगभग खत्म कर दिया है। अब पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हाल के अमेरिकी हवाई हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
ईरान को सजा दिलवाएंगे
इसके अलावा एक बयान में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, “मैंने अभी एक घंटे पहले ही राष्ट्रपति से बात की है। ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और यह जता रहा है कि वह हमारे साथ समझौता करना चाहता है, क्योंकि उसे हमारी अमेरिकी सेना की तरफ से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुए हालिया हमलों का कारण यह है कि ईरान ने हमारे साथ हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन किया है। उस समझौता ज्ञापन में यह शर्त थी कि वे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेंगे। दुर्भाग्य से, उन्होंने ऐसा करने का दुखद फैसला लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप चुपचाप बैठकर होर्मुज स्ट्रेट में आतंकवाद की इन घटनाओं को होने नहीं देंगे और ईरान को इसके लिए सजा दिलवाएंगे। और यही हम अभी देख रहे हैं।”




