नई दिल्ली : कुछ लोगों को धूप में निकलने पर सामान्य से ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि उन्हें सिर्फ पसीना नहीं आ रहा होता बल्कि त्वचा भी अलग तरह से रिएक्ट करने लगती है। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि धूप में निकलते ही त्वचा में मामूली जलन से ज्यादा परेशानी हो रही है तो इसे अनदेखा न करें। यह संकेत हैं कि त्वचा को धूप से एलर्जी है और बाहर निकलते वक्त जरूरत से ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है। चलिए सनलाइट से स्किन को होने वाली एलर्जी के बारे में विस्तार से जानते हैं:
क्या है पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन?
पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन सूरज की पराबैंगनी यानी यूवी किरणों के संपर्क में आने से स्किन पर होने वाली एक एलर्जी का नाम है। यह रिएक्शन तुरंत नहीं होता बल्कि स्किन के कान्टैक्ट में आने के कुछ घंटों या दिन बाद दिखने लगता है। जिन लोगों को यह एलर्जी होती है, उनमें एक खास प्रवृति देखी जाती है। दरअसल, जब त्वचा धूप के संपर्क में आती है तो ऐसे लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्किन में बनने वाले मोलेक्यूल को हानिकारक समझने लगती है। इसके बाद नतीजतन शरीर उसके खिलाफ प्रतिक्रिया करना शुरू कर देता है। इससे त्वचा पर खुजली के साथ लाल चकत्ते होने लगते हैं।
लक्षण और जोखिम कारक
पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन के लक्षण बाहों, छाती, गर्दन, पैरों और पीठ पर देखने को मिलते हैं:
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छोटे-छोटे उभरे हुए दाने
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लाल या सफेद रंग की खुजलीदार पित्ती
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एक्जिमा जैसे पैच होना
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छाले
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दानों के आसपास लालिमा और ज्यादा खुजली
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20-40 साल की महिला जिसकी धूप से सेंसीटिव स्किन की हिस्ट्री हो
पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन को खुद से ठीक कैसे करें?
यह स्किन एलर्जी सुबह 11 बजे से शाम के 3 बजे के बीच धूप के संपर्क में आने से ज्यादा होती है, जो अपने आप ठीक भी हो जाती है। ऐसे कई तरीके हैं जो एलर्जी से पहले बचाव कर सकते हैं:
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हाई SPF और ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन
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धूप में निकलते समय फुल बाजू के कपड़े पहनें
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फोटोथेरेपी यानी नेचुरल या आर्टिफिशियल यूवी लाइट का संपर्क
डॉक्टर से कब करें?
पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन एक सामान्य एलर्जी है जिसे किसी ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं जिसपर तुरंत डॉक्टर की सलाह की आवश्यकता है। इनमें स्किन रैश के साथ दानों में दर्द और बुखार शामिल है। ये लक्षण किसी गंभीर स्किन कंडीशन के संकेत हो सकते हैं।




