रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी गरबा आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने गरबा आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, पार्किंग, प्रवेश-निकास मार्ग और भीड़ प्रबंधन सहित विभिन्न तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा जारी अनुमति पत्र की सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी या कानून व्यवस्था प्रभावित होने पर आयोजन की अनुमति निरस्त करने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों और समय-सीमा के नियमों का करना होगा पालन
बैठक में डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने आयोजकों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल से संबंधित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरबा कार्यक्रम अनुमति पत्र में निर्धारित स्थान और समय-सीमा के भीतर ही आयोजित किए जाएं। ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मानकों का पालन करना भी आवश्यक होगा। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
CCTV कैमरे और सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य
पुलिस ने सभी आयोजन स्थलों पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही पुरुष एवं महिला वालंटियर और सुरक्षा गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों को तैनात सुरक्षा कर्मचारियों और वालंटियर का विवरण संबंधित थाने में उपलब्ध कराना होगा।
आयोजन स्थल के प्रवेश और निकास द्वारों के साथ आपातकालीन रास्तों को भी बाधारहित रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
हथियार और प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर रोक
गरबा स्थलों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, मादक पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम स्थल पर कोई भी प्रतिबंधित या आपत्तिजनक वस्तु न पहुंचे। इसके अलावा अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था रखना भी जरूरी होगा।
निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को नहीं मिलेगा प्रवेश
पुलिस ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गरबा स्थल की निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग की उचित व्यवस्था करने के साथ सार्वजनिक मार्गों और यातायात को बाधित होने से बचाना होगा। भीड़ को नियंत्रित रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से आवश्यक इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया है।
अश्लील और भड़काऊ गतिविधियों पर रहेगी रोक
डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने कहा कि गरबा कार्यक्रमों में अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। ऐसी किसी भी प्रस्तुति या गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका हो। आयोजकों को पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी किए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों का भी पालन करना होगा।
हर आयोजन में दो जिम्मेदार पदाधिकारियों की मौजूदगी जरूरी
पुलिस ने प्रत्येक गरबा कार्यक्रम के दौरान कम से कम दो जिम्मेदार पदाधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य की है। ये पदाधिकारी आयोजन की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखेंगे। किसी अप्रिय घटना, दुर्घटना, भगदड़, आगजनी या कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी होगी।
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शर्तों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
डीसीपी ने बैठक में दोहराया कि अनुमति पत्र में दी गई शर्तों का उल्लंघन करने या सार्वजनिक शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने पर गरबा आयोजन की अनुमति रद्द की जा सकती है। संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक में शामिल गरबा आयोजकों ने पुलिस के दिशा-निर्देशों और अनुमति पत्र की शर्तों का पालन करने पर सहमति जताई। साथ ही आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस-प्रशासन को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।




