छत्तीसगढ़ के CBSE स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए 19 मुफ्त ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्सों के जरिए प्रदेश के छात्र अब घर बैठे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी, वेब टेक्नोलॉजी और अन्य डिजिटल स्किल्स सीख सकेंगे। खास बात यह है कि इन कोर्सों के लिए छात्रों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, अंबिकापुर, जगदलपुर और प्रदेश के अन्य जिलों में संचालित CBSE स्कूलों के हजारों विद्यार्थी इस पहल का लाभ उठा सकेंगे। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना की जानकारी विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक छात्र इन डिजिटल पाठ्यक्रमों से जुड़ सकें।
CBSE ने ये ऑनलाइन कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के सहयोग से तैयार किए हैं। सभी पाठ्यक्रम NIELIT के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्र अपनी पसंद की भाषा में आसानी से सीख सकेंगे। विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार किसी भी कोर्स का चयन कर सकते हैं।
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इन ऑनलाइन कोर्सों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्र अपनी सुविधा और समय के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। किसी निर्धारित समय पर क्लास अटेंड करने की बाध्यता नहीं होगी। शुरुआती कोर्स 15 घंटे के हैं, जबकि एडवांस लेवल के कोर्स 100 घंटे से अधिक अवधि के हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को डिजिटल स्किल्स विकसित करने और भविष्य की प्रतियोगी दुनिया में बेहतर अवसर हासिल करने में मदद करेगी।




