छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय महत्व के आर्द्र क्षेत्र यानी रामसर स्थल का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम क्षेत्र की जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और इको-पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोपरा जलाशय एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है, जहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह जलाशय प्राकृतिक संसाधनों, जल संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद अहम माना जाता है।
राज्य सरकार का मानना है कि रामसर साइट का दर्जा मिलने से कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और इसके संरक्षण के लिए और अधिक संसाधन व तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, स्थानीय समुदायों की भागीदारी से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी।
पर्यावरणविदों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आर्द्र क्षेत्रों के संरक्षण को मजबूत आधार मिलेगा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार के निर्णय के बाद कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ के उन चुनिंदा आर्द्र क्षेत्रों में शामिल हो सकता है जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।








