LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच भारत में घरेलू गैस को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है. हालांकि, सरकार ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने में जुटी है. हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 3 तेल टैंकर भी मंगाए हैं. इसके अलावा प्रशासन भी लगातार जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. इसके बावजूद भी एलपीजी संकट देखने को मिल रहा है.
एलपीजी संकट का असर अब पूरी तरह दिखाई देने लगा है. कई रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं. सरकार आम लोगों की चिंता को दूर करने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने में जुटी है. देशभर में अगर कार्रवाई की बात की जाए, तो अब तक करीबी 15, 000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं. प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त रुख अपनाया है.
सरकार ने की अपील
एलपीजी संकट और लोगों की चिंता को देखते हुए सरकार ने सभी से अपील कही है कि वे अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाएं. एलपीजी की बुकिंग डिजिटल माध्यमों, जैसे आईवीआरएस, एसएमएस, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के जरिए ही करें, ताकि परेशानी से बच सकें. हाल ही में दो जहाज भारत पहुंचे हैं. जल्द ही गैस की सप्लाई बढ़ेगी और लोगों की चिंताएं दूर होंगी. सरकार के अनुसार, सभी मंत्रालयों के बीच बातचीत की जा रही है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ईंधन आपूर्ति पर कोई असर न पड़े.
सरकार ने उठाए ये जरूरी कदम
- रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 38 प्रतिशत तक बढ़ोतरी.
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़े एक्शन.
- देशभर में नियंत्रण कक्ष.
- सिलेंडर बुकिंग का अंतर 25 दिन, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन.
- वैकल्पिक व्यवस्था बढ़ाने के आदेश.







