भूकंप जोखिम से जुड़े नए सिस्मिक जोन-6 नक्शे को लेकर उठे विवाद के बाद सरकार ने फिलहाल इसे रद्द कर दिया है और पुराने सिस्मिक मानकों को ही लागू रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों और राज्यों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद यह निर्णय लिया गया। नए नक्शे में कई इलाकों को ज्यादा जोखिम वाले भूकंप क्षेत्र में शामिल किया गया था, जिससे निर्माण नियमों और विकास परियोजनाओं पर बड़ा असर पड़ सकता था।
विशेषज्ञों का कहना था कि प्रस्तावित नए मानकों में कुछ वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं थी। इसके अलावा कई राज्यों ने भी चिंता जताई थी कि यदि जोन-6 को लागू किया गया तो भवन निर्माण से जुड़े नियम काफी सख्त हो जाएंगे, जिससे निर्माण लागत और परियोजनाओं की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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सरकार ने इन सभी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल पुराने सिस्मिक जोनिंग मानकों को जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि विशेषज्ञों के साथ विस्तृत समीक्षा के बाद ही भविष्य में किसी नए सिस्मिक मानक या नक्शे को लागू किया जाएगा, ताकि भूकंप सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाया जा सके।







