Close Menu
The Janta NewsThe Janta News
  • Home
  • Chhattisgarh
  • Desh – Videsh
  • Business
  • Sports
  • Entertainment
  • Politics

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

नवरात्रि में 100 किलो सोने से सजा मां दुर्गा का दरबार, बंगाल के भव्य पंडाल का VIDEO हुआ वायरल

October 14, 2026

IAS एस. जयवर्धन की गृह मंत्रालय में नियुक्ति, उप सचिव के पद पर संभालेंगे जिम्मेदारी

October 14, 2026

CG Crime: CAF जवान का अपहरण कर बनाया बंधक, मारपीट के बाद स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार

October 14, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
The Janta NewsThe Janta News
Wednesday, October 14
  • Home
  • Chhattisgarh
  • Desh – Videsh
  • Business
  • Sports
  • Entertainment
  • Politics
The Janta NewsThe Janta News
Home » CHHATTISGARH
CHHATTISGARH

CG High Court: पुलिसकर्मी के प्रमोशन पर हाई कोर्ट सख्त, 31 साल सेवा के बाद पदोन्नति देने के निर्देश

The Janta NewsBy The Janta NewsAugust 24, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Untitled 265
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पुलिस विभाग में पदोन्नति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक वेतनवृद्धि को बिना संचयी प्रभाव के रोकना मामूली दंड की श्रेणी में आता है। केवल इस आधार पर किसी पुलिसकर्मी को पदोन्नति के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता। यह फैसला हाई कोर्ट बिलासपुर के जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने पुलिसकर्मी शेखर सिन्हा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के सहायक उप निरीक्षक (ASI) पद पर पदोन्नति के दावे पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि यदि वह पदोन्नति के लिए पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें पदोन्नत पद से जुड़े सभी लाभ उस तारीख से दिए जाएं, जिस तारीख से उनके कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति मिली थी।

CG Crime: कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला, 5 लाख की सुपारी लेकर हत्या की साजिश; फरार आरोपी गिरफ्तार

1991 में आरक्षक के पद पर हुई थी नियुक्ति

मामले के अनुसार शेखर सिन्हा की पुलिस विभाग में वर्ष 1991 में आरक्षक के पद पर नियुक्ति हुई थी। सेवा के दौरान वर्ष 2008 में उन्हें प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई। इसके बाद वर्ष 2021 में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एक वेतनवृद्धि को बिना संचयी प्रभाव के रोकने का दंड लगाया गया। इसके बाद जब विभाग में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हुई तो उनके साथ काम करने वाले कुछ कनिष्ठ कर्मचारियों के नाम पर पदोन्नति के लिए विचार किया गया। हालांकि, शेखर सिन्हा के नाम पर विचार नहीं किया गया। इसे लेकर उन्होंने विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में दी चुनौती

शेखर सिन्हा ने अधिवक्ता अनादि शर्मा के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना था कि उनके खिलाफ लगाया गया दंड मामूली प्रकृति का था। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें पदोन्नति के लिए विचार से बाहर कर दिया, जबकि उनके कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर दिया गया।मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने संबंधित रिकॉर्ड, विभागीय कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का अवलोकन करने के बाद मामले में अपना फैसला सुनाया।

संचयी और गैर-संचयी दंड में अंतर स्पष्ट

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकना बड़ा दंड माना जाता है। वहीं, बिना संचयी प्रभाव के वेतनवृद्धि रोकना मामूली दंड की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के संबंधित निर्णय का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के मामले में 24 अप्रैल 2000 के परिपत्र को लागू करना स्पष्ट रूप से गलत था। हाई कोर्ट ने माना कि विभाग की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा राधिका प्रसाद दुबे के मामले में निर्धारित विधि के अनुरूप नहीं थी।

कनिष्ठों की पदोन्नति की तारीख से मिलेगा लाभ

हाई कोर्ट ने शेखर सिन्हा की याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके ASI पद पर पदोन्नति के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता पदोन्नति के लिए पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें पदोन्नत पद से संबंधित सभी लाभ उस तारीख से दिए जाएं, जिस तारीख से उनके कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी। इस फैसले से पुलिस विभाग में मामूली दंड के आधार पर पदोन्नति से वंचित किए जाने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी आधार सामने आया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश के जरिए यह स्पष्ट किया कि गैर-संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकने जैसे मामूली दंड को पदोन्नति के अधिकार में बड़ी बाधा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके बाद जब विभाग में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हुई तो उनके साथ काम करने वाले कुछ कनिष्ठ कर्मचारियों के नाम पर पदोन्नति के लिए विचार किया गया। हालांकि, शेखर सिन्हा के नाम पर विचार नहीं किया गया। इसे लेकर उन्होंने विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में दी चुनौती

शेखर सिन्हा ने अधिवक्ता अनादि शर्मा के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना था कि उनके खिलाफ लगाया गया दंड मामूली प्रकृति का था। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें पदोन्नति के लिए विचार से बाहर कर दिया, जबकि उनके कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर दिया गया।मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने संबंधित रिकॉर्ड, विभागीय कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का अवलोकन करने के बाद मामले में अपना फैसला सुनाया।

संचयी और गैर-संचयी दंड में अंतर स्पष्ट

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकना बड़ा दंड माना जाता है। वहीं, बिना संचयी प्रभाव के वेतनवृद्धि रोकना मामूली दंड की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के संबंधित निर्णय का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के मामले में 24 अप्रैल 2000 के परिपत्र को लागू करना स्पष्ट रूप से गलत था। हाई कोर्ट ने माना कि विभाग की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा राधिका प्रसाद दुबे के मामले में निर्धारित विधि के अनुरूप नहीं थी।

ट्रंप का बड़ा दावा! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बताया ‘नया अमेरिकी इलाका’, शेयर किया मैप

कनिष्ठों की पदोन्नति की तारीख से मिलेगा लाभ

हाई कोर्ट ने शेखर सिन्हा की याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके ASI पद पर पदोन्नति के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता पदोन्नति के लिए पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें पदोन्नत पद से संबंधित सभी लाभ उस तारीख से दिए जाएं, जिस तारीख से उनके कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी। इस फैसले से पुलिस विभाग में मामूली दंड के आधार पर पदोन्नति से वंचित किए जाने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी आधार सामने आया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश के जरिए यह स्पष्ट किया कि गैर-संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकने जैसे मामूली दंड को पदोन्नति के अधिकार में बड़ी बाधा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
The Janta News
The Janta News

Related Posts

नवरात्रि में 100 किलो सोने से सजा मां दुर्गा का दरबार, बंगाल के भव्य पंडाल का VIDEO हुआ वायरल

October 14, 2026

IAS एस. जयवर्धन की गृह मंत्रालय में नियुक्ति, उप सचिव के पद पर संभालेंगे जिम्मेदारी

October 14, 2026

CG Crime: CAF जवान का अपहरण कर बनाया बंधक, मारपीट के बाद स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार

October 14, 2026

रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबला, जानिए मैच का समय और टिकट बुकिंग की पूरी जानकारी

October 14, 2026

Air India Flight में हाईजैक का अलर्ट, फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रहे विमान की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग

October 14, 2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल भेजे गए

October 14, 2026
Editors Picks

नवरात्रि में 100 किलो सोने से सजा मां दुर्गा का दरबार, बंगाल के भव्य पंडाल का VIDEO हुआ वायरल

October 14, 2026

IAS एस. जयवर्धन की गृह मंत्रालय में नियुक्ति, उप सचिव के पद पर संभालेंगे जिम्मेदारी

October 14, 2026

CG Crime: CAF जवान का अपहरण कर बनाया बंधक, मारपीट के बाद स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार

October 14, 2026

रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबला, जानिए मैच का समय और टिकट बुकिंग की पूरी जानकारी

October 14, 2026
Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
About Us
About Us

📧 Email: thejantanews.com@gmail.com
📍 Location: Mowa, Raipur, Chhattisgarh, India

Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
Our Picks

नवरात्रि में 100 किलो सोने से सजा मां दुर्गा का दरबार, बंगाल के भव्य पंडाल का VIDEO हुआ वायरल

October 14, 2026

IAS एस. जयवर्धन की गृह मंत्रालय में नियुक्ति, उप सचिव के पद पर संभालेंगे जिम्मेदारी

October 14, 2026

CG Crime: CAF जवान का अपहरण कर बनाया बंधक, मारपीट के बाद स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार

October 14, 2026
© 2026 The Janta News.
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.