Chhattisgath News: विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशभर में धूमधाम से दशहरा उत्सव मनाया गया। हालांकि, कुछ जगहों पर आतिशबाजी के दौरान हादसों ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में रावण दहन के दौरान जलता हुआ रॉकेट मुख्य मंच तक पहुंच गया, जिससे वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। वहीं, जशपुर में आतिशबाजी के दौरान एक पटाखा भीड़ के बीच जा गिरा, जिससे दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि दोनों घटनाओं में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
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अंबिकापुर में मुख्य मंच तक पहुंचा जलता रॉकेट
सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज मैदान में विजयादशमी के आयोजन के लिए कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए आयोजकों ने आतिशबाजी की व्यवस्था की थी। प्रचार-प्रसार के बाद बड़ी संख्या में लोग उत्सव देखने पहुंचे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद थे।
रावण दहन के दौरान आतिशबाजी करते समय एक जलता हुआ रॉकेट अनियंत्रित होकर सीधे मुख्य मंच तक पहुंच गया। रॉकेट की चिंगारी मंच पर लगी कपड़े की छत पर जा गिरी, जिससे वहां आग लगने का खतरा पैदा हो गया। अचानक हुई इस घटना से मंच पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर मौजूद अग्निशमन दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चिंगारी पर काबू पाने का प्रयास किया। समय रहते स्थिति संभाल लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा इंतजामों और पटाखों के संचालन में सावधानी बरतने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जशपुर में भीड़ के बीच गिरा पटाखा, दो लोग घायल
जशपुर में भी रावण दहन के दौरान आतिशबाजी के बीच हादसा होते-होते बचा। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के रणजीता स्टेडियम में पटाखा अचानक लोगों की भीड़ के बीच जा गिरा। इसकी चपेट में आने से दो लोगों को मामूली चोटें आईं।
पटाखा गिरते ही आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग खुद को सुरक्षित बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया।
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भव्य आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अंबिकापुर और जशपुर की घटनाओं ने दशहरा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में आतिशबाजी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और परिवार भी शामिल होते हैं। ऐसे में पटाखों के संचालन, मंच की सुरक्षा और दर्शकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इन घटनाओं से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि भव्य आयोजन और आतिशबाजी के साथ सुरक्षा इंतजामों पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है, ताकि त्योहार की खुशियां किसी हादसे में न बदलें।




