India block meeting : दिल्ली में आज ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक हुई, जिसमें बीजेपी पर जमकर निशाना साधा गया. इस दौरान SIR पर CJI को पत्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग समेत 5 बिंदुओं पर सभी पार्टियों के बीच सहमति बनी है. बैठक में 25 राजनीतिक दल शामिल हुए. बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विधेयक को पारित नहीं होने दिया. सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने आई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें एकता की भावना को आगे बढ़ाना होगा. हालांकि, डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इस बैठक से दूरी बना ली है. ‘इंडिया जनबंधन’ नाम से बुलाई गई इस बैठक में गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है. बैठक में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक को विपक्षी एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब गठबंधन में शामिल दल केंद्र सरकार के खिलाफ अपने सहयोग और तालमेल को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.
इंडिया ब्लॉक की बैठक में 5 बिंदुओं पर सहमति बनी
1. SIR के मुद्दे पर CJI को पत्र लिखा जाएगा.
2. विद्यार्थियों के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग.
3. आर्थिक स्थिति, बेरोज़गारी, मंहगाई और किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग.
4. हर दो महीने में गठबंधन की बैठक, अगली बैठक हैदराबाद में होगी.
5. संसद सत्र के दौरान नेता विपक्ष की अध्यक्षता में रोजाना बैठक होगी.
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया ब्लॉक की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई विपक्षी नेता मौजूद है. बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को गले लगाया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया ब्लॉक की बैठक के दौरान कहा
- हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में निर्णायक तरीके से एकता का प्रदर्शन किया, जब विपक्ष ने सरकार के संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया. सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने आई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें एकता की भावना को आगे बढ़ाना होगा.
- संविधान पर हमले लगातार जारी हैं, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के साधन के रूप में लगातार किया जा रहा है.
- गैर-भाजपा सरकारों को भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है. आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.




