भारत सरकार ने देश को रेयर अर्थ मैगनेट्स के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 7,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज (Incentive Package) घोषित किया है। यह कदम चीन पर निर्भरता कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा उपकरणों तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टरों में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम साबित होगा।
रेयर अर्थ मैगनेट्स क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?
रेयर अर्थ मैगनेट्स (Rare Earth Magnets) का उपयोग इलेक्ट्रिक मोटर्स, विंड टर्बाइन, मोबाइल फोन, सैटेलाइट और मिसाइल सिस्टम तक में होता है। फिलहाल, इनका लगभग 90% उत्पादन चीन करता है। इस कारण भारत जैसे देशों को सप्लाई चेन और लागत दोनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
भारत की नई योजना का उद्देश्य
भारत सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में घरेलू स्तर पर रेयर अर्थ मैगनेट्स का उत्पादन बढ़ाकर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाई जाए। इसके लिए “प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम” को भी शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत:
- स्थानीय कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने पर प्रोत्साहन मिलेगा।
- विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए टैक्स में राहत दी जाएगी।
- खनन और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा।
चीन पर निर्भरता घटाने की रणनीति
भारत इस पहल के जरिए चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है, क्योंकि दुनिया में रेयर अर्थ एलिमेंट्स का लगभग 70% निर्यात चीन करता है। नई नीति से भारत “ग्लोबल सप्लाई चेन” में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकेगा और एशिया में एक नया विनिर्माण केंद्र बन सकता है।
रोजगार और निवेश में बड़ा उछाल
इस नई पहल से देश में हजारों नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), डिफेंस टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।.सरकार का अनुमान है कि इससे अगले 5 वर्षों में करीब ₹20,000 करोड़ का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निवेश आएगा।








