कभी Indian Idol में सिलेक्शन न होने का दर्द झेल चुकी मैथिली आज बिहार की सबसे युवा विधायक बनकर एक नई मिसाल पेश कर रही हैं। पहली बार चुनाव लड़ते हुए उन्होंने न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि अपने क्षेत्र में युवाओं की उम्मीदों का चेहरा भी बन गईं।
मैथिली की जर्नी संघर्ष और आत्मविश्वास से भरी रही है। एक समय था जब वे सिंगिंग रियलिटी शो में खुद को साबित करने गईं, लेकिन चयन न होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार के सपोर्ट और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों में खुद को झोंक दिया। धीरे-धीरे लोगों के बीच उनकी पहचान मजबूत होती गई और आखिरकार उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया।
चुनाव अभियान के दौरान मैथिली ने महिलाओं, युवा रोजगार और शिक्षा को अपना मुख्य एजेंडा बनाया, जिसे जनता ने जोरदार समर्थन दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा कि इंडियन आइडल में उनका रिजेक्शन ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बना और अब वे अपने क्षेत्र के विकास को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानती हैं। मैथिली की यह सफलता कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो असफलताओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखते हैं।

