रायपुर : छत्तीसगढ़ में घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके तहत राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में जिन घरों के 100 मीटर के दायरे में सिटी गैस पाइपलाइन उपलब्ध होगी, वहां रहने वाले परिवारों को PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। पाइपलाइन से गैस की नियमित सप्लाई शुरू होने के बाद संबंधित पते का LPG सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा। यानी उपभोक्ता एक ही पते पर PNG और LPG दोनों सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के दायरे में वे इलाके भी आएंगे, जहां पहले से गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन लोगों ने अब तक PNG कनेक्शन नहीं लिया है। ऐसे परिवारों को भी नियमों का पालन कराना होगा। इसके लिए जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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40 हजार से अधिक घरों में लग चुके हैं PNG मीटर
प्रदेश में सिटी गैस पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। अब तक 40 हजार से अधिक घरों में PNG कनेक्शन और मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, इनमें से करीब डेढ़ हजार घरों में ही गैस की सप्लाई शुरू हो पाई है। इस तरह कनेक्शन लेने वाले परिवारों में तीन प्रतिशत से भी कम लोग फिलहाल PNG गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गैस कंपनियों के अनुसार, PNG सप्लाई शुरू होने के बाद निर्धारित अवधि में उसी पते का LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। हालांकि, उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी चिंता गैस सप्लाई बाधित होने की है। तकनीकी खराबी या पाइपलाइन में किसी समस्या के कारण सप्लाई बंद होने पर खाना बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार इसी वजह से नई व्यवस्था के बारे में लोगों को जागरूक करने की तैयारी कर रही है।
10 लाख घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में 10 लाख से अधिक घरों तक घरेलू PNG कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अकेले रायपुर में करीब एक लाख घरों तक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जाना है। राजधानी के भनपुरी, टाटीबंध, सरोना, फाफाडीह और अवंति विहार की कुछ कॉलोनियों में गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है।
इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव और जगदलपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों और कस्बों में भी पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
चार कंपनियों को मिली पाइपलाइन विस्तार की जिम्मेदारी
प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में PNG नेटवर्क तैयार करने के लिए चार कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है।
- हरियाणा सिटी गैस: रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद में गैस नेटवर्क तैयार करेगी।
- अडानी टोटल गैस: बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में काम करेगी।
- BPCL: सरगुजा संभाग के कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पाइपलाइन बिछाएगी।
- गेल: बस्तर संभाग के जिलों में गैस नेटवर्क का विस्तार करेगी।
वहीं, मध्यप्रदेश के शहडोल से करीब 214 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन सरगुजा संभाग तक लाई जा रही है। इसके लिए कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पहाड़ी इलाकों से पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
किन परिवारों को मिलेगी अनिवार्यता से छूट?
नई व्यवस्था में उन परिवारों को राहत दी जाएगी, जिनके घरों तक पाइपलाइन पहुंचाना तकनीकी रूप से मुश्किल है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को PNG कनेक्शन लेने की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। इसके लिए पाइपलाइन से करीब एक किलोमीटर की दूरी का दायरा निर्धारित किया गया है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में अधिक से अधिक घरों को पाइपलाइन गैस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
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कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को सौंपी गई जिम्मेदारी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सोमवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। बैठक में शहरी गैस वितरण नीति-2026 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहां आसपास के घरों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
एचजीसी के मैनेजर राकेश रंजन के अनुसार, उपभोक्ता अपने मौजूदा LPG सिलेंडर कनेक्शन को किसी दूसरे पते पर शिफ्ट करा सकते हैं। यह पूरी व्यवस्था केंद्र की सिटी गैस वितरण योजना और राज्य की शहरी गैस वितरण नीति-2026 के तहत लागू की जा रही है।




