CG Coal Levy Case: कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति प्रभाग ने एक बार फिर कार्रवाई की है। सोमवार को रायपुर की बेनामी संपत्ति यूनिट की टीम ने भिलाई के कोहका स्थित सूर्या रेसीडेंसी के मकान नंबर A-1 पर भौतिक कब्जा लेते हुए उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सुपेला पुलिस की मौजूदगी रही। इसके बाद मौके पर ढोल बजाकर मुनादी भी कराई गई। आयकर विभाग ने मकान पर कार्रवाई से संबंधित सूचना बोर्ड भी लगाया है।
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आयकर विभाग की यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम के तहत की गई है। जांच एजेंसियों की ओर से न्यायिक रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के मुताबिक, सूर्या रेसीडेंसी का A-1 मकान रिकॉर्ड में मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ा है। हालांकि, जांच में इस संपत्ति को सूर्यकांत तिवारी से संबंधित कथित बेनामी संपत्ति बताया गया है।
जांच में सामने आया संपत्ति का लेन-देन
न्यायिक रिकॉर्ड में जांच एजेंसियों के हवाले से बताया गया है कि मनीष उपाध्याय इसी मकान में रहता था। जांच में यह दावा किया गया कि संपत्ति सूर्यकांत तिवारी द्वारा उसके लिए खरीदी गई थी। रिकॉर्ड के मुताबिक, मनीष उपाध्याय ने संपत्ति खरीदने के लिए सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी एक फर्म से करीब 40 लाख रुपये के कथित असुरक्षित ऋण की बात कही थी।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने इस लेन-देन को वास्तविक ऋण नहीं मानते हुए अपने अलग निष्कर्ष दर्ज किए हैं। संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व और लेन-देन से जुड़े तथ्यों को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
डायरी की एंट्री भी जांच में शामिल
मामले की जांच के दौरान आयकर विभाग की तलाशी में जब्त एक डायरी में मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ी रकम और कोड की एंट्री मिलने का भी न्यायिक रिकॉर्ड में उल्लेख है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मनीष उपाध्याय का नाम सौर्या चौरसिया के आवास से जुड़े रिकॉर्ड में भी सामने आया था।
इन जांच निष्कर्षों के आधार पर बेनामी संपत्ति प्रभाग ने A-1 मकान पर आगे की कार्रवाई की। विभाग ने संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने के बाद उसे सील कर दिया।
A-22 संपत्ति पर भी कार्रवाई
सूर्या रेसीडेंसी परिसर की A-22 संपत्ति पर भी बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत कार्रवाई से संबंधित नोटिस लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में A-21/A-22 संपत्ति को सौम्या चौरसिया के परिवार से संबंधित बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित संपत्ति उनके पति सौरभ मोदी और मां शांति देवी चौरसिया के नाम से जुड़ी थी।
हालांकि, इन संपत्तियों से जुड़े आरोप और जांच एजेंसियों के निष्कर्ष अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर जारी है।
संपत्ति के वास्तविक लाभार्थी की जांच
आयकर विभाग की कार्रवाई का मुख्य फोकस इस बात की जांच पर है कि संपत्ति खरीदने के लिए वास्तविक धन किसने उपलब्ध कराया, संपत्ति किसके नाम पर दर्ज है और उसका वास्तविक लाभार्थी कौन है। बेनामी संपत्ति कानून के तहत संपत्ति के स्वामित्व, खरीद की रकम और लेन-देन की परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
सोमवार की कार्रवाई के बाद सूर्या रेसीडेंसी का A-1 मकान आयकर विभाग की कार्रवाई के दायरे में आ गया है। विभाग की टीम ने संपत्ति को सील करने के साथ वहां सूचना बोर्ड लगाया। सुपेला पुलिस की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई और बाद में मौके पर मुनादी भी कराई गई।
कोयला लेवी मामले में हुई यह कार्रवाई जांच के उस चरण को दर्शाती है, जिसमें कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े मामलों में विभाग द्वारा संपत्तियों पर प्रत्यक्ष कार्रवाई की जा रही है।




