Make Iran Great Again: ईरान में खस्ताहाल आर्खिक हालात को चलते जनता सड़कों पर उतर आई है। पूरे ईरान में जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं जिसमें कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। मरने वालों में नाबालिग भी शामिल हैं। ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से मारता है, जो उनकी आदत है, तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा।
ट्रंप की तस्वीर से मच गई हलचल
इस बीच सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ ‘Make Iran Great Again’ टोपी पकड़े हुए ट्रंप की एक तस्वीर ने हलचल मचा दी है। इस तस्वीर ने अमेरिकी विदेश नीति पर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप की इस तस्वीर को डेमोक्रेट्स ने बेहद खतरनाक और उकसावे वाला कदम बताया है। तस्वीर तब ली गई जी जब ट्रंप और ग्राहम हाल ही में फ्लोरिडा से वॉशिंगटन के लिए एयर फ़ोर्स वन में यात्रा कर रहे थे। इससे पहले, ग्राहम ने एक इंटरव्यू में ईरान की सरकार को गिराने की बात कही थी, जिसमें वही टोपी दिखाई दी थी।
अमेरिका ने ईरान पर की थी बमबारी
बीते साल जून में, अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था और उसके मुख्य परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। ईरान ने दोहा में एक अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की थी जिससे नुकसान तो हुआ था लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ था। इसके तुरंत बाद युद्धविराम हो गया था।
ट्रंप दे चुके हैं धमकी
हमले के बाद से ट्रंप कई मौकों पर ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम या मिसाइल क्षमताओं को फिर से बनाने की कोशिश करता है तो हालात संघर्ष की ओर जा सकते हैं। उन्होंने कहा था अगर ईरान फिर से परमाणु क्षमता निर्माण करने की कोशिश करता है, और अगर वो ऐसा कर रहे हैं, तो हमें उन्हें खत्म करना होगा। हम उन्हें खत्म कर देंगे। हम उन्हें पूरी तरह से खत्म कर देंगे।
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ट्रंप के टारगेट पर है ईरान
वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की ओर से किए गए ऑपरेशन के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि ट्रंप का अगला निशाना ईरान हो सकता है। ईरान में हालात भी बिगड़ रहे हैं और लोग सड़कों पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल, ट्रप के बयानों पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि, अमीर सईद इरावानी ने ट्रंप के बयानों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।








