नासिक कुंभ 2027 : नासिक में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों से पहले तपोवन क्षेत्र में हो रही पेड़ कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। साधु-संतों, स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और नागरिक संगठनों ने सरकार की ‘साधु ग्राम योजना’ के तहत किए जा रहे कार्यों पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि प्रशासन कुंभ की आड़ में बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र का नुकसान कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तपोवन में सदियों पुरानी वृक्ष प्रजातियों को काटा जा रहा है, जबकि यह क्षेत्र प्राकृतिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साधु-संतों ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ कटाई जारी रही, तो वे सामूहिक विरोध और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि साधु ग्राम योजना का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का दावा है कि कटे पेड़ों की भरपाई के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही कार्य किए जा रहे हैं।
हालांकि स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि वैकल्पिक जमीन उपलब्ध होने के बावजूद तपोवन जैसे संवेदनशील इलाके में निर्माण कार्य करवाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि कुंभ मेले की तैयारी पर्यावरण के साथ समझौता करके नहीं होनी चाहिए।
तेजी पकड़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन अब साधु-संतों और पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ बैठक कर समाधान खोजने की तैयारी में है। नासिक कुंभ 2027 शुरू होने से पहले यह मुद्दा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।








