प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश रवाना हो गए हैं। दो दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण की आवाज को प्रमुखता से उठाया।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने कई राष्ट्र प्रमुखों से द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं, जिनमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और निवेश बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा क्षमता और वैश्विक विकास में भारत की भूमिका को मजबूत तरीके से प्रस्तुत किया।
G-20 मंच पर प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया को स्थिरता और सामूहिक सहयोग की ज़रूरत है, जिसमें भारत हमेशा रचनात्मक और नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समावेशी विकास और बहुपक्षीय सहयोग को अनिवार्य बताया।
सम्मेलन समाप्त होने के बाद पीएम मोदी स्वदेश प्रस्थान कर गए, जहां उनके आगमन पर कई कार्यक्रमों और बैठकों की तैयारियां पहले से की गई हैं। सरकार का मानना है कि इस यात्रा ने भारत की वैश्विक कूटनीतिक शक्ति और नेतृत्व को और मज़बूती दी है।








