भारतीय Stock Market में गिरावट का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों, निवेशकों की मुनाफावसूली और आईटी–बैंकिंग शेयरों में दबाव के चलते गुरुवार को बाजार लाल निशान में बंद हुआ।ट्रेडिंग सत्र के अंत में सेंसेक्स 331 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26,000 के नीचे फिसल गया। बाजार में शुरुआती मजबूती के बाद बिकवाली बढ़ने लगी, जिससे प्रमुख इंडेक्स दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कमजोर बंद हुए।
विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति को लेकर शंका और एशियाई बाजारों में मिलेजुले रुझान ने भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसके अलावा डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की चिंता का कारण बना।आईटी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, कुछ चुनिंदा फार्मा और एफएमसीजी शेयरों में मामूली खरीदारी रही, जिसने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन गिरावट को रोक नहीं सकी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में दिखे। इन दोनों इंडेक्स में गिरावट सेंसेक्स और निफ्टी से ज्यादा रही, जो व्यापक बाजार में कमजोरी का संकेत है।दो दिनों की लगातार गिरावट से निवेशकों की मार्केट कैप में हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े फैसलों से बच रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता कुछ दिनों तक और जारी रह सकती है। वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिका की आर्थिक नीतियों और विदेशी निवेश प्रवाह पर बाजार की नजर बनी रहेगी।








