CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस हिरासत में हुई श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सर्वन तामरे की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपते हुए राज्य सरकार को मृतक की पत्नी और दो नाबालिग बेटियों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को मामले में नियमित आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच तेज गति से पूरी करने को कहा है। जांच की प्रगति रिपोर्ट 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में पेश करनी होगी।
यह मामला मृतक की पत्नी लहरा बाई तामरे और उनकी बेटियों संध्या तथा साक्षी की याचिका से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 3 अक्टूबर 2024 के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने हिरासत में हुई मौत के मामले में परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। हालांकि FIR दर्ज करने और मौत के कारणों की विस्तृत जांच के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक श्रवण सूर्यवंशी को 18 जनवरी 2024 को बिलासपुर जिले के सीपत थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस कार्रवाई छह लीटर कच्ची शराब रखने के आरोप में हुई थी। गिरफ्तारी के बाद श्रवण को केंद्रीय जेल बिलासपुर भेजा गया। 21 जनवरी को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे बिलासपुर स्थित CIMS अस्पताल ले जाया गया, जहां 22 जनवरी 2024 को उसकी मौत हो गई। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच CBI करेगी और अगली सुनवाई में जांच की प्रगति अदालत के सामने रखी जाएगी।




