28.1 C
Raipur
Wednesday, February 4, 2026
- Advertisement -

छत्तीसगढ़ के इस जगह में है 100 वर्ष पुराना भूमि फोड़ गणेश मंदिर, जिसकी हर साल बढ़ रही है उँचाई…

Must read

छत्तीसगढ़ अपनी ऐतिहासिक संस्कृति और प्राचीन मंदिरों के लिए देश दुनिया में प्रसिद्ध है. यहाँ के मंदिर दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इसी क्रम में आपने छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन गणेश मंदिर ढोलकल गणेश मंदिर के बारे में तो सुना ही होगा. जो पुरे विश्व के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. लेकिन आज हम आपको छत्तीसगढ़ के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे जहाँ भगवान गणेश स्वयं भूमि फोड़ के प्रकट हुए हैं. यह मंदिर अपने अद्वितीय आकर्षण और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं.
BeFunky design 7 1 2

तो आइए जानते है इस मंदिर के पीछे की पूरी कहानी साथ ही छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक गणेश मंदिर के बारे में….

- Advertisement -
image 2024 09 07T173733.802

बालोद में स्थित यह मंदिर 100 वर्षों से भी पुराना है. इस मंदिर की विशेषता यह है कि भगवान गणेश की मूर्ति जमीन से प्रकट हुई है और लगातार बढ़ती जा रही है. मान्यता है कि गणेश स्वयं जमीन फोड़कर बाहर आए और धीरे-धीरे बढ़ते गए. मंदिर की छत भी बढ़ते गणेश के आकार के अनुसार ऊंची बनाई गई है. भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से पूजा करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

image 2024 09 07T173609.865

दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. 10वीं और 11वीं सदी के नागा वंश के दौरान बनाया गया था.यहां भगवान गणेश की 3 फीट ऊंची पत्थर की मूर्ति विराजमान है. यह स्थान ट्रेकिंग प्रेमियों और प्राकृतिक सौंदर्य के प्रेमियों के लिए आदर्श है. दंतेवाड़ा से 13 किमी दूर स्थित, यह मंदिर धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा मेल प्रस्तुत करता है.

image 2024 09 07T173651.253

‘मंदिरों के शहर’ बारसूर में स्थित जुड़वां गणेश मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है. यहां भगवान गणेश की दो विशाल मूर्तियां एक ही चट्टान पर बनी हैं जिसमें एक 7 फीट और दूसरी 5 फीट ऊंची है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, राजा बाणासुर ने अपनी पुत्री की पूजा के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया था. इन मूर्तियों की शानदार कलाकारी और निर्माण विधि भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है.

इन मंदिरों की अद्वितीयता और धार्मिक महत्व ने छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल बना दिया है, जो आस्थावानों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है.

More articles

Latest article