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Weather Update: 5 दिनों में 10°C तक चढ़ेगा पारा, गर्मी का कहर तेज, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी

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Weather Update: देश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से जो आंधी, बारिश और ओले गिर रहे थे, अब उनका दौर खत्म होने वाला है और भीषण गर्मी की वापसी हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि 10 से 15 अप्रैल के बीच तापमान 10 डिग्री तक बढ़ सकता है। यानी अब धूप और पसीना लोगों को परेशान करेगा। जहाँ पहाड़ों पर अभी भी हल्की बर्फबारी और बारिश हो रही है, वहीं दिल्ली-यूपी जैसे मैदानी इलाकों में अब लू चलने के आसार हैं।

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धूप और गर्म हवाओं का बढ़ेगा टॉर्चर

उत्तर भारत में अब राहत के दिन खत्म होने वाले हैं। आसमान साफ होते ही सूरज की सीधी तपिश जमीन पर पड़ेगी, जिससे गर्मी बहुत तेजी से बढ़ेगी। दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने की आशंका है। जानकारों का मानना है कि आने वाले पांच दिनों में गर्मी अपने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अब दोपहर के वक्त घर से निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।

बेमौसम बारिश ने किसानों को दिया गहरा जख्म

एक तरफ गर्मी बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ हमारे अन्नदाता यानी किसानों के लिए पिछला हफ्ता किसी बुरे सपने जैसा रहा। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अचानक हुई बारिश और ओलों ने तैयार खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया है। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। जो फसल कट चुकी थी, वह भी खेतों में भीग गई, जिससे अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत अब मिट्टी में मिलती दिख रही है।

पंजाब और हरियाणा में बुरा हाल

बारिश और ओलों की सबसे ज्यादा मार पंजाब पर पड़ी है। यहाँ लाखों हेक्टेयर में गेहूं की फसल खराब होने की कगार पर है। मंडियों में जो गेहूं बेचने के लिए लाया गया था, वह भी खुले आसमान के नीचे होने की वजह से भीग गया। हरियाणा के सिरसा और करनाल जैसे इलाकों में भी यही हाल है। कटी हुई फसल के भीगने से उसकी चमक फीकी पड़ जाती है, जिससे किसानों को बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता। सरकार ने अब अधिकारियों से नुकसान का हिसाब माँगा है ताकि किसानों को मदद मिल सके।

यूपी के कई जिलों में फसलें तबाह

उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर 30 से ज्यादा जिलों में देखने को मिला है। अयोध्या, प्रयागराज और फतेहपुर जैसे इलाकों में गेहूं और आलू की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा है। कहीं 35 तो कहीं 40 फीसदी तक फसलें बर्बाद हो गई हैं। बारिश और ओलों ने न केवल अनाज बल्कि चने की खेती को भी काफी चोट पहुँचाई है। मुख्यमंत्री ने तुरंत सर्वे कराने के आदेश दिए हैं ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके और वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

पूर्वोत्तर भारत में अभी नहीं थमेगी बारिश

जहाँ एक तरफ मैदानी इलाकों में लोग गर्मी से झुलसेंगे, वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में अगले चार दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने यहाँ ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहाँ तेज बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। इससे वहां के जनजीवन और फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है। संक्षेप में कहें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं।

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