भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho ने ग्रामीण भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह दिसंबर 2025 तक करीब 2,000 नए कर्मचारियों की भर्ती करेगी।

ग्रामीण इलाकों से नई प्रतिभा को जोड़ने का प्रयास
Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ग्रामीण इलाकों से भी प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़ना चाहती है। वेम्बू का मानना है कि भारत के छोटे कस्बों और गाँवों में भी तकनीकी कौशल वाले लोग हैं, जिन्हें अवसर मिलने पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट काम कर सकते हैं।
किन विभागों में होंगी भर्तियाँ?
नई भर्तियाँ सिर्फ तकनीकी पदों तक सीमित नहीं रहेंगी। इसमें शामिल होंगे:
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
कस्टमर सपोर्ट
सेल्स और मार्केटिंग
प्रशासनिक भूमिकाएँ
कंपनी का अनुमान है कि इनमें से लगभग 85% पद भारत के ग्रामीण केंद्रों में होंगे, जबकि शेष अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के अनुसार भरे जाएंगे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग पर जोर
Zoho ने स्वीकार किया कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी चुनौतियाँ हैं। इसलिए कंपनी अब नए ऑफिस खोलने के साथ-साथ स्थानीय इंटरनेट ढाँचे, ट्रेनिंग प्रोग्राम और तकनीकी संसाधनों में निवेश करने जा रही है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह पहल सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच से भी मेल खाती है। ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं को शहरों की ओर पलायन करने की ज़रूरत भी कम होगी।
निष्कर्ष
Zoho का यह फैसला भारतीय IT सेक्टर के लिए एक नई दिशा दिखाता है। अगर यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में ग्रामीण भारत को टेक्नोलॉजी हब बनाने की राह और आसान हो जाएगी।
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